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डीडीयू : अब साल में दो बार दिए जाएंगे पीएचडी में प्रवेश
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में अब वर्ष में दो बार पीएचडी में प्रवेश लिया जाएगा। इसे लेकर राजभवन (जन भवन) की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके तहत जुलाई और जनवरी में पीएचडी में प्रवेश लिए जाएंगे। डीडीयू में जुलाई सत्र से प्रवेश को लेकर योजना बनाई जा रही है।
डीडीयू में वर्तमान में साल में एक बार ही पीएचडी में प्रवेश होता है।
वह भी कोरोना महामारी के दौर से ही एक सत्र विलंब से चल रहा है। डीडीयू में पीएचडी के लिए हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं।
साल में एक बार मौका मिलने की वजह से इच्छुक अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जुलाई सत्र से पीएचडी में प्रवेश के लिए शोध विकास प्रकोष्ठ को विभागीय समन्वय से परीक्षा संचालन, सीट निर्धारण आदि के निर्देश दिए गए हैं।
एक ही सत्र में दो बार पीएचडी में प्रवेश के पीछे राजभवन का उद्देश्य यह है कि गुणवत्ता आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।
इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे। यूजीसी नेट-जेआरएफ का आयोजन भी दो बार होता है। ऐसे में उन आवेदकों को भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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इसके तहत जुलाई और जनवरी में पीएचडी में प्रवेश लिए जाएंगे। डीडीयू में जुलाई सत्र से प्रवेश को लेकर योजना बनाई जा रही है।
डीडीयू में वर्तमान में साल में एक बार ही पीएचडी में प्रवेश होता है।
वह भी कोरोना महामारी के दौर से ही एक सत्र विलंब से चल रहा है। डीडीयू में पीएचडी के लिए हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं।
साल में एक बार मौका मिलने की वजह से इच्छुक अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जुलाई सत्र से पीएचडी में प्रवेश के लिए शोध विकास प्रकोष्ठ को विभागीय समन्वय से परीक्षा संचालन, सीट निर्धारण आदि के निर्देश दिए गए हैं।
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एक ही सत्र में दो बार पीएचडी में प्रवेश के पीछे राजभवन का उद्देश्य यह है कि गुणवत्ता आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।
इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे। यूजीसी नेट-जेआरएफ का आयोजन भी दो बार होता है। ऐसे में उन आवेदकों को भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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