मौसम अपडेट: गोरखपुर समेत इन चार जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने लोगों से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और गड्ढों, पोखरों व तालाबों में नहाने से बचने की अपील की है। बिजली के वैकल्पिक इंतजाम रखने की सलाह भी दी गई है। बारिश और बादलों के प्रभाव से अधिकतम तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।
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चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, देवरिया, बस्ती और संतकबीरनगर में भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर समेत तराई वाले इलाकों में शु्क्रवार को भारी बारिश के आसार हैं। यह दौर शनिवार को भी जारी रहेगा, हालांकि बारिश की तीव्रता में कमी आएगी।
50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं
गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने के आसार बताए गए हैं। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का कमजोर हुआ हिस्सा दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। इसके पश्चिमी विक्षोभ के साथ प्रभाव डालने से 29 अक्तूबर देर रात से भारी बारिश का दौर शुरू होगा। 30 अक्तूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका है। बारिश और बादलों के प्रभाव से अधिकतम तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।
जलभराव से लेकर यातायात तक पर असर की आशंका
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। सड़क यातायात प्रभावित होने के साथ नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका भी जताई गई है। तेज हवाओं और बारिश से संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश और वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और गड्ढों, पोखरों व तालाबों में नहाने से बचने की अपील की है। बिजली के वैकल्पिक इंतजाम रखने की सलाह भी दी गई है। भारी बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।