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Petrol Diesel Price: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें कितनी है कीमत
Fri, 11 Jun 2021 11:50 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Jun 2021 11:50 AM IST
सार
दस दिन में पेट्रोल के दाम में 1.11 रुपये और डीजल के दाम में 1.13 रुपये का इजाफा। दाम बढ़ने से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं, महंगाई बढ़ने से जनता पर पड़ेगा असर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक की बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने की सलाह के बावजूद गुरुवार को गोरखपुर जिले में पेट्रोल के दाम में 49 पैसे और डीजल में 44 पैसे की बढ़ोतरी की गई। जून के पहले दस दिन में इन दोनों ही ईंधन के दाम में चार बार वृद्धि की गई। 31 मई को शहर में पेट्रोल के दाम 93.13 और डीजल के दाम 87.15 रुपये थे। पेट्रोलियम पदार्थों में हो रही वृद्धि का असर खाद्य व अन्य सामग्री पर भी पड़ेगा। इससे वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे।
कानूनी मामलों के जानकार एडवोकेट फहद अहमद ने बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकारों को पेट्रोल-डीजल से कर व अधिभार को कम करने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2020-21 की महंगाई अनुमान से काफी बढ़ गयी है।
पेट्रोल और डीजल की महंगाई के कारण बढ़ रही लागत के दबाव को कम करने की जरूरत है। इसके लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उत्पाद शुल्क, अधिभार और करों को समायोजित करने की जरूरत है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन गोरखपुर के अध्यक्ष विश्वनारायण सिंह कहते हैं कि जून में अभी तक पेट्रोल में 1.11 रुपये और डीजल में 1.13 रुपये बढ़ चुके हैं।
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ईंधन की कीमत बढ़ने का सीधा असर लागत पर पड़ता है। लागत बढ़ने पर महंगाई बढ़ना लाजिमी है। कारोबारी परवेज अहमद कहते हैं कि डीजल की कीमत एक रुपये बढ़ने पर दिल्ली से आने वाले एक ट्रक माल में करीब बारह सौ रुपये भाड़ा बढ़ जाता है। बढ़ी हुई लागत वस्तु का दाम बढ़ा कर ही वसूल की जाती है, इसका खामियाजा अंत में उपभोक्ता को भुगतना पड़ता है। यदि महंगाई कम करनी है तो यातायात ईंधन के दाम घटाने होंगे।
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कानूनी मामलों के जानकार एडवोकेट फहद अहमद ने बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकारों को पेट्रोल-डीजल से कर व अधिभार को कम करने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2020-21 की महंगाई अनुमान से काफी बढ़ गयी है।
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पेट्रोल और डीजल की महंगाई के कारण बढ़ रही लागत के दबाव को कम करने की जरूरत है। इसके लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उत्पाद शुल्क, अधिभार और करों को समायोजित करने की जरूरत है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन गोरखपुर के अध्यक्ष विश्वनारायण सिंह कहते हैं कि जून में अभी तक पेट्रोल में 1.11 रुपये और डीजल में 1.13 रुपये बढ़ चुके हैं।
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ईंधन की कीमत बढ़ने का सीधा असर लागत पर पड़ता है। लागत बढ़ने पर महंगाई बढ़ना लाजिमी है। कारोबारी परवेज अहमद कहते हैं कि डीजल की कीमत एक रुपये बढ़ने पर दिल्ली से आने वाले एक ट्रक माल में करीब बारह सौ रुपये भाड़ा बढ़ जाता है। बढ़ी हुई लागत वस्तु का दाम बढ़ा कर ही वसूल की जाती है, इसका खामियाजा अंत में उपभोक्ता को भुगतना पड़ता है। यदि महंगाई कम करनी है तो यातायात ईंधन के दाम घटाने होंगे।