Gorakhpur News: गोरखपुर में बोले देशदीपक, अब यूपी पर बीमारू राज्य का दंश नहीं, निवेश की मची है होड़
देशदीपक ने बताया कि पिछले इन्वेस्टर्स समिट से चार लाख करोड़ रुपये के निवेश पर काम हुआ तो इससे पंद्रह लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन भी हुआ। विद्यार्थियों में जोश भरते हुए कहा कि वे राइजिंग सेक्टर को पहचानकर अपने स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दें।
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बीमारू राज्य के दंश को समाप्त कर आज उत्तर प्रदेश विकास की नई उड़ान को तैयार है। आज देश, दुनिया के निवेशकों के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश करने की होड़ मची हुई है।
यह बातें राज्य सभा के पूर्व महासचिव एवं एम्स गोरखपुर की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष देशदीपक वर्मा ने कही। वे सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 को लेकर आयोजित 'उत्तर प्रदेश-नए भारत का ग्रोथ इंजन' विषयक संवाद को संबोधित कर रहे थे। जीआईएस को लेकर छात्रों और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित संवाद में उन्होंने कहा कि पहले निवेशक उत्तर प्रदेश में आने से डरते थे। सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई तो निवेशकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी। आज पूरा देश यूपी के लॉ एंड ऑर्डर को नजीर मानता है। अपराध ही नहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ भी मुख्यमंत्री की नीति जीरो टॉलरेंस की है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए पहली बार आईटी, डाटा सेंटर, डिफेंस, एरो स्पेस, वेयरहाउसिंग जैसे 25 सेक्टरों की पहचान कर सेक्टोरल पॉलिसी लाई गई।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि एक समय जनसंख्या को समस्या माना जाता था, लेकिन ट्रेड, साइंस, इंडस्ट्री के ग्रोथ से इससे जुड़ी तमाम समस्याओं का समाधान हो सकेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रदेश में पहले 10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य था जो अब 17 लाख करोड़ हो गया है।
छात्रों का आह्वान किया कि वे कौशल विकास पर ध्यान दें, रोजगार की कोई कमी नहीं है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह ने स्वागत किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वीडियो संदेश व शार्ट फिल्म का प्रसारण किया गया। संचालन रक्षा अध्ययन विभाग के आचार्य प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा व आभार ज्ञापन अधिष्ठाता कला संकाय प्रो नंदिता सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अश्विन कुमार मिश्रा समेत कई शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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देशदीपक ने बताया कि पिछले इन्वेस्टर्स समिट से चार लाख करोड़ रुपये के निवेश पर काम हुआ तो इससे पंद्रह लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन भी हुआ। विद्यार्थियों में जोश भरते हुए कहा कि वे राइजिंग सेक्टर को पहचानकर अपने स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दें। जब आपके पास विशेष क्षेत्रों में कौशल होगा तो आपको नौकरी के पीछे नहीं भागना पड़ेगा, बल्कि नौकरी देने वाले खुद आपके पीछे भागेंगे।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि उद्यमी कभी घर नहीं बैठता है इसलिए छात्रों कौशल विकास पर ध्यान देते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ अतुल वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के लिए हम सभी को दोगुना प्रयास करना है। स्वागत संबोधन प्राचार्या डॉ.डीएस अजीथा तथा चालन व आभार ज्ञापन कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अश्वनी मिश्रा, प्रो. शोभा गौड़, प्रमथ नाथ मिश्र, मंजूनाथ एनएस, प्रो. सुनील सिंह, डॉ शैलेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।