गोरखपुर में जाम: जमीन से लेकर आसमान तक हर कहीं व्यवस्था चरमराई...यात्री सड़क पर
नए साल का पहला दिन जहां जश्न के नाम रहा, वहीं ट्रक-बस समेत अन्य वाहनों के चालकों की हड़ताल की वजह से परेशानियों का सबब भी बन गया। घर से गंतव्य के लिए निकले लोगों को साधन नहीं मिलने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर, नए साल का जश्न मनाने लोगों का हुजूम निकला तो सड़कों पर जगह-जगह जाम लग गया। रही-सही कसर कोहरे ने पूरी कर दी। इसके चलते विमान और ट्रेनें देर से आईं और गईं।
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नए कानून में दुर्घटना होने पर 10 लाख रुपये जुर्माना और सात साल की सजा के विरोध का असर सोमवार को जिले में भी देखने को मिला। सोमवार सुबह नौ बजे के करीब गोरखपुर-कुशीनगर हाईवे पर सोनबरसा के पास ट्रक चालकों ने जाम लगा दिया तो रोडवेज चालकों ने बस खड़ी कर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस समझा ही रही थी कि रानीडीहा और मोहद्दीपुर में ऑटो चालकों ने जाम लगा दिया। वे भी रोडवेज चालकों के जाम के समर्थन में आ गए थे। इसके बाद आवागमन प्रभावित हो गया और यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई। किसी तरह से ई-रिक्शा व ऑटो रिजर्व कर आसपास के लोग घर गए। बाहर जाने वालों की भीड़ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई थी, जिन्होंने जैसे-तैसे अपनी यात्रा पूरी की। सुबह करीब 11 बजे सोनबरसा में जाम को खत्म कराया गया, जिसके बाद हाईवे पर संचालन शुरू हो सका।
जानकारी के मुताबिक, देश में एक ओर सोमवार को नए साल का जश्न मनाया जा रहा था तो दूसरी ओर रोडवेज, ट्रक, ऑटो का पहिया थमने की वजह से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। केंद्र सरकार के नए सड़क कानून के खिलाफ बस, ऑटो, ट्रांसपोर्टरों और कैब ड्राइवरों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। चालक एक से तीन जनवरी तक हड़ताल करेंगे।
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देशभर में चल रहे इस आंदोलन का असर गोरखपुर में और बड़ा होता दिख रहा है। आलम यह है कि भोर से ही बस और ऑटो ड्राइवर जहां-तहां अपनी गाड़ी खड़ी कर चले गए। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। दरअसल, नए कानून के तहत हिट एंड रन केस में अब 10 लाख रुपये का जुर्माना और सात साल सजा तय कर दी गई है।
इसे लेकर देशभर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने विरोध की अगुवाई की है। सभी शहरों में चक्का जाम कर दिया गया है। सोमवार को गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन से विभिन्न रूट पर चलने वाली एक हजार से ज्यादा बसों का संचालन सोमवार को नहीं हुआ। वहीं, शहर में 10 हजार में से महज एक हजार ही ऑटो वाले सड़कों पर नजर आए, जो बुकिंग पर ही जा रहे थे।
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बस अड्डों पर बस खड़ी कर घर चले गए चालक
सोमवार सुबह रेलवे बस स्टेशन पर सभी बसों का संचालन बंद रहा। जब कुछ ऑटो चालकों ने शहर में ऑटो चलाना शुरू किया तो हड़ताल पर गए चालकों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। हवा का रुख भांप सभी ऑटो चालक हड़ताल पर चले गए। वहीं, बस अड्डों पर चालक बस खड़ी करके घर चले गए। यहां यात्रियों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग परिवार और समान लेकर गंतव्य के लिए निकले थे, लेकिन अब उन्हें दोगुना दाम देकर स्टेशन से घर वापस जाना पड़ रहा है।