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Gorakhpur News: पूर्वांचल ही नहीं दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू वालों को भी भाया टेराकोटा

Thu, 09 Nov 2023 04:03 PM IST
vivek shukla अमर उजाला बयूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला बयूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Nov 2023 04:03 PM IST
सार

शिल्पकार राजन प्रजापति का कहना है कि टेराकोटा के सजावटी उत्पादों की मांग हैदराबाद,बंगलुरू, चेन्नई, विशाखापत्तनम, मुंबई आदि शहरों में भी है। लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष लक्ष्मीचंद्र प्रजापति ने बताया कि तीन माह में दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए आठ ट्रक माल भेजा है।

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people of Delhi Mumbai and Bangalore liked terracotta
असुरन चौराहे के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों से टेराकोटा मूर्तियों की खरीदारी करती महिला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में टेराकोटा उत्पादों की अब मांग अब पूर्वांचल ही नहीं दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और चेन्नई जैसे महानगरों में भी खूब है। शिल्पकारों का कहना है कि इस बार दिवाली में बड़े शहरों से काफी डिमांड आई है। इसके अलावा स्थानीय बाजारों में भी उत्पादों की खूब मांग है, लिहाजा चाक पर उनके हाथ लगातार चल रहे हैं।
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वर्तमान में टेराकोटा का निर्माण औरंगाबाद गांव के अलावा गुलरिहा, भरवलिया, जंगल एकला नंबर-2, अशरफपुर, हाफिज नगर, पादरी बाजार, बेलवा, बालापार, शाहपुर, सरैया बाजार, झुंगिया, झंगहा क्षेत्र के अराजी राजधानी आदि में चल रहा है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद बाजार बढ़ने से करीब 30-35 फीसदी नए लोग भी टेराकोटा के कारोबार से जुड़े हैं।
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शिल्पकार राजन प्रजापति का कहना है कि टेराकोटा के सजावटी उत्पादों की मांग हैदराबाद,बंगलुरू, चेन्नई, विशाखापत्तनम, मुंबई आदि शहरों में भी है। लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष लक्ष्मीचंद्र प्रजापति ने बताया कि तीन माह में दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए आठ ट्रक माल भेजा है।
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मोहन लाल प्रजाति मानते हैं कि इस बार व्यवसाय में करीब 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। मोहन ने इस बार मुम्बई और भोपाल के लिए तीन ट्रक टेराकोटा उत्पाद भेजे हैं। आदर्श टेराकोटा समूह जंगल एकला नंबर दो के अध्यक्ष हरीओम आजाद का कहना है कि ओडीओपी से टेराकोटा शिल्पकारों को बहुत फायदा मिला है।


 

लोगों को खूब भा रहीं कोलकाता और लखनऊ की मूर्तियां

दिवाली के लिए बाजार सज चुके हैं। बाजार ग्राहकों से गुलजार हैं। गोलघर, घंटाघर, असुरन, रुस्तमपुर, गोरखनाथ, आर्यनगर सहित सभी बाजारों में दिवाली के सामानों की रौनक देखने को मिल रही है। भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, सरस्वती और कुबेर की विभिन्न प्रकार की मूर्तियां दुकानों में सबसे आगे सुशोभित हैं। धनतेरस से मूर्तियों की खरीदारी का सिलसिला शुरू होगा जो दिवाली के दिन तक चलेगा।

दुकानदार आदित्य जायसवाल ने बताया कि कोलकाता से भगवान की मूर्तियां महीनों पहले ही मंगा लेते हैं ताकि सही समय पर मूर्तियां बाजार में लगा सकें। बताया कि कोलकाता की मूर्तियों की खासियत है कि ये मिट्टी की बनी होती हैं जो पर्यावरण के लिए सही हैं। बताया कि बाजार में 300 रुपये से 2500 रुपये तक की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बाजार में मौजूद हैं।

घंटाघर के दुकानदार विनोद पटवा ने बताया कि बाजार में कोलकाता के अलावा वाराणसी, चुनार और लखनऊ की लक्ष्मी और गणेश मूर्तियां बाजार में मौजूद हैं। बताया कि बनारस की मूर्तियों की विशेषता है कि ये तार और मिट्टी की बनी होती है और इस पर सिंदूर का रंग लगा होता है। चुनार और लखनऊ की मूर्तियां प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी होती हैं। ये मूर्तियां 50 रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक की होती हैं।

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