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UP: रोज 100 फरियादी गोरखनाथ मंदिर पहुंच रहे, थाने-तहसील से निराश लोग लगा रहे गुहार

Sun, 07 Jun 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो टीपी शाही, गोरखपुर
टीपी शाही, गोरखपुर Updated Sun, 07 Jun 2026 02:33 AM IST
सार

यहां प्राप्त प्रार्थना-पत्रों को संबंधित जिलों और विभागों तक पहुंचाने की व्यवस्था है। गोरखपुर और बस्ती मंडल से जुड़े मामलों में संबंधित जिलों के कर्मचारी सप्ताह में एक दिन मंदिर पहुंचकर प्रार्थना-पत्र लेते हैं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं। अन्य मंडलों से संबंधित शिकायतों को कार्रवाई के लिए लखनऊ भेजा जाता है। गोरखपुर जिले के मामलों में संबंधित अधिकारियों को मंदिर बुलाकर प्रार्थना-पत्र सौंपे जाते हैं।

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People are reaching with about 100 complaints every day
गोरखनाथ मंदिर( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में फरियादी स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के बजाय सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। ललितपुर, मुरादाबाद, मथुरा समेत दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों का कहना है कि थाने, तहसील और एसएसपी कार्यालयों में शिकायत के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली।

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उन्हें भरोसा है कि गोरखनाथ मंदिर स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रार्थना-पत्र देने पर उनकी समस्या संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और उसके समाधान की पहल होगी। कैंप कार्यालय में प्रतिदिन करीब 100 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। 
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केस-1: बेटे के मौत के आरोपियों को सजा दिलाने की गुहार
ललितपुर के गौरकला गांव निवासी बलवंत सिंह ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रार्थना-पत्र सौंपा। वे बेटे की मौत के आरोपियों को सजा दिलाना चाहते हैं। यही गुहार लेकर आए हैं। उनका कहना है कि उनके पुत्र रामश्याम के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट की थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बलवंत सिंह का कहना है कि ललितपुर से लेकर भोपाल तक इलाज कराने के बाद भी दो माह बाद उनके बेटे की मौत हो गई। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले में न्याय और कार्रवाई की मांग की है।

केस-2 पति की मौत के बाद से लोग धमका रहे
वृंदावन स्थित राधा पार्क संत कॉलोनी, परिक्रमा मार्ग निवासी मिथलेश ने भी गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रार्थना-पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनके पति का निधन हो गया था, जिसके बाद कुछ लोग उन्हें मकान खाली करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उनका आरोप है कि आए दिन उन्हें और उनकी दो बेटियों को धमकाया जा रहा है तथा वृंदावन छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

केस-3 निजी जमीन से निर्माण ध्वस्त कराया
मुरादाबाद जिले के मुंडा पांडे थाना क्षेत्र के अक्काबाद गांव निवासी अंकित सिंह ने दिए प्रार्थना-पत्र में कहा है कि वह अपनी निजी जमीन पर निर्माण कराए थे लेकिन लेखपाल ने जेसीबी लगाकर निर्माण को ध्वस्त करा दिया। लेखपाल एक भूमाफिया से मिला हुआ है। उसकी शह पर उसने निर्माण को ध्वस्त करा दिया।

मंदिर में ऐसे होता है शिकायतों का निस्तारण
यहां प्राप्त प्रार्थना-पत्रों को संबंधित जिलों और विभागों तक पहुंचाने की व्यवस्था है। गोरखपुर और बस्ती मंडल से जुड़े मामलों में संबंधित जिलों के कर्मचारी सप्ताह में एक दिन मंदिर पहुंचकर प्रार्थना-पत्र लेते हैं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं। अन्य मंडलों से संबंधित शिकायतों को कार्रवाई के लिए लखनऊ भेजा जाता है।


गोरखपुर जिले के मामलों में संबंधित अधिकारियों को मंदिर बुलाकर प्रार्थना-पत्र सौंपे जाते हैं। इसके अलावा कई मामलों में मंदिर प्रशासन के प्रमुख लोग सीधे संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर शिकायतों के समाधान का प्रयास करते हैं। जरूरत पड़ने पर दूसरे मंडलों के अधिकारियों से भी संपर्क कर मामलों के निस्तारण के लिए कहा जाता है। शिकायतों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाती है और संबंधित अधिकारियों से यह भी जानकारी ली जाती है कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

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