तेज हवाओं का झोंका लाया मौत का साया: रास्ते से गुजर रहे बुजुर्ग पर गिरा पीपल का पेड़, मौके पर तोड़ा दम
निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम मृत बुजुर्ग के शव को कब्जे में ले ली। उसके बाद शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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महराजगंज जिले में निचलौल थाना क्षेत्र के कपिया गांव में बृहस्पतिवार को रास्ते से गुजर रहे एक बुजुर्ग पर विशालकाय पीपल का पेड़ गिर गया। जिससे बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं पेड़ गिरने के कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे लोगों की नजर गिरे पेड़ के नीचे दबे एक बुजुर्ग पर पड़ी। जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। इस हादसे की जानकारी परिजनों को लगते ही उनमें कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
जानकारी के मुताबिक, निचलौल नगर पंचायत के वार्ड नंबर छह घोड़हवा वार्ड निवासी महंगू (75) दोपहर में बेटी मीरा के घर कपिया गांव जा रहे थे। अभी महंगू कपिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गेट से होकर जा रही इंटरलॉकिंग सड़क से होकर गुजर रहे थे। इसी बीच तेज हवाओं के झोंके से सड़क के किनारे खड़ी विशालकाय पीपल का पेड़ रास्ते से गुजर रहे बुजुर्ग महंगू के ऊपर गिर गया। जिसके नीचे दबने से महंगू की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई।
महंगू की मौत के बाद मौके पर पहुंची पत्नी जगवंती और बेटी मीरा की रो रोकर बुरा हाल हो गया था। निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम मृत बुजुर्ग के शव को कब्जे में ले ली। उसके बाद शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बेटी के दरवाजे पर पहुंचने से पहले पिता की हुई मौत
मृत बुजुर्ग महंगू के दामाद शंभु ने बताया कि ससुर करीब एक वर्ष बाद उनके दरवाजे पर अपने बेटी से मिलने आ रहे थे। रास्ते में मौत बनकर खड़े पीपल के पेड़ को वह पार नहीं कर सके। दरवाजे पर पहुंचने से पहले ससुर महंगू की पीपल के पेड़ के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई।
बेटी करती थी महंगू की देखभाल
मृत महंगू की पत्नी जगवंती ने बिलखते हुए कहा कि दो बेटे शंभु और गौतम के अलावा एक बेटी मीरा है। मीरा दो भाइयों में सबसे बड़ी है। बेटा गौतम कोठीभार थाना क्षेत्र के एक ईंट उद्योग तथा शंभु नेपाल राष्ट्र में एक ईंट उद्योग पर मजदूरी करते हैं। दोनों बेटों को घर पर न रहने के चलते बेटी मीरा अक्सर घोड़हवा आती रहती थी। जहां पर पति महंगू और उनकी देखभाल करती थी।