Gorakhpur News: जमीन के एक टुकड़े का देते हैं रुपये...पूरे रकबे का करा लेते हैं बैनामा
गोरखपुर जिले में इस तरह की जालसाजी के मामले भी सामने आने पर पुलिस केस दर्ज कर भू-माफिया की गर्दन दबोच रही है। अब पुलिस की कार्रवाई से एक फायदा तो है ही कि जमीन को छोड़ने के लिए भू-माफिया राजी होकर केस को मैनेज करने के लिए पीड़ित से गुहार लगाते हैं।
विस्तार
गोरखपुर जिले के भू-माफिया सिर्फ सीलिंग की जमीन और दूसरे की जमीन का ही फर्जी तरीके से बैनामा नहीं करते हैं। बल्कि, जालसाज सेटिंग करके कम पढ़े-लिखे लोगों की जरूरत को पूरी करने के लिए जमीन के एक टुकड़े का दाम देकर धोखे से पूरी जमीन की रजिस्ट्री करा देते हैं।
उसके इस जालसाजी में अकेले वहीं नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम काम करता है। क्योंकि, जमीन का बैनामा करने वाले से यह कभी नहीं पूछा जाता कि आप ने कितनी जमीन बेची है, उससे सिर्फ यह पूछा जाता है कि कितना रुपया मिला और कागज को आगे बढ़ा दिया जाता है। फिर जब पूरे रकबे को भू-माफिया कब्जा करता है, तब मामला खुलता है।
गोरखपुर जिले में इस तरह की जालसाजी के मामले भी सामने आने पर पुलिस केस दर्ज कर भू-माफिया की गर्दन दबोच रही है। अब पुलिस की कार्रवाई से एक फायदा तो है ही कि जमीन को छोड़ने के लिए भू-माफिया राजी होकर केस को मैनेज करने के लिए पीड़ित से गुहार लगाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, जमीन जालसाजी के रोजाना ही मामले सामने आ रहे हैं। कहीं जालसाज दूसरे की जमीन को बेच देते हैं तो कहीं पर जमीन के नाम पर रुपये लेकर हड़प लेते हैं। कहीं तो एक ही जमीन तीन लोगों को रजिस्ट्री कर दी गई है। इन सब तरीकों पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो अब कुछ रुपये देकर पूरी जमीन का बैनामा कराने के मामले भी सामने आने लगे हैं।
पुलिस अब ऐसे मामलों पर भी कार्रवाई कर रही है। सबसे बड़ी बात यह कि पुलिस को जालसाजी के ऐसे मामलों में कार्रवाई में भी सावधानी बरतनी पड़ती है। क्योंकि कुछ जालसाज ऐसा कर रहे हैं तो कई मामलों में सही खरीदार को भी फंसाने की कोशिश की जाती है।
केस एक
दो के बदले लिखवा लिया था 35 डिसमिल
27 जून 2023 को गुलरिहा थाने में माफिया राकेश यादव पर केस दर्ज किया गया। गुलरिहा इलाके के बरगदही गांव निवासी माया देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति बृजमोहन यादव मानसिक रूप से कमजोर हैं। उनका इलाज चल रहा है। रुपयों की जरूरत थी, इसलिए बगीचे की जमीन में से दो डिसमिल वर्ष 2014 में बेचना चाहते थे। इसी दौरान माफिया राकेश यादव, सुधीर कुमार और अश्वनी से मुलाकात हो गई। तीनों ने मिलकर जमीन खरीदने की बात कही। आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2014 को पति बृजमोहन को इलाज कराने की बात कहकर आरोपी साथ ले गए। उनकी (माया देवी) की जगह किसी दूसरी महिला को खड़ा कर हस्ताक्षर करा लिया। फिर दो की जगह पूरे बगीचे की 35 डिसमिल जमीन का बैनामा करा लिया। इसके बदले रुपये भी नहीं दिए गए। जमीन वापस मांगने पर 40 लाख की रंगदारी मांगी गई।
केस दो
जमानत देने को बुलाया और करा लिया बैनामा
दो दिसंबर 2023 को पिपराइच थाने में जालसाजी का केस दर्ज किया गया। पिपराइच के बनचरा बड़ा टोला के रहने वाले राधेश्याम को जमानतदार बनाने के बहाने तहसील ले जाकर चार लोगों ने उसकी जमीन लिखवा ली थी। जानकारी होने पर पीड़ित चारों के पास गया तो उन लोगों ने धमकी देकर भगा दिया। राधेश्याम की तहरीर पर पिपराइच थाना पुलिस ने सुनील, गीडा के चकटेल्हना बाघागाढ़ा के धर्मेंद्र, सुरेश कन्नौजिया और बेलीपार के भौवापार के मनीष के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की।
केस तीन
मदद के बहाने ले गए और मकान की करा ली रजिस्ट्री09 नवंबर 2023 को गुलरिहा थाने में जालसाजी का केस दर्ज किया गया। गुलरिहा के परसौना निवासी कलीमुन्निशा पत्नी इश्तेयाक ने केस दर्ज कराया। उनका कहना है कि 11 दिसंबर 1995 को इसी थाना क्षेत्र के भटहट निवासी सर्फुदीन से नौ डिसमिल जमीन रजिस्ट्री ली है। जमीन पर वह मकान बनवाकर रह रहे हैं। आरोप है कि भटहट के टोला बड़हरिया निवासी सहनाज खां ने सर्फुदीन से उस जमीन की रजिस्ट्री करा ली है। वह अचानक एक दिन मकान पर कब्जा करने भी पहुंच गया। महिला को पता चला कि पति को मदद के बहाने ले जाकर उसकी जमीन का बैनामा कराया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि रोजाना ही जालसाजी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस सभी मामलों में केस दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई कर रही है। कई गिरोह का पर्दाफाश करने के साथ ही पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई भी की है और भू-माफिया के अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत करने के साथ ही ध्वस्त भी कराया गया है। पीड़ित को न्याय देने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी।