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गोरखपुर: पाथवे बनेगा दृष्टिबाधितों का सहारा, ज्ञान बढ़ाएगा हर्बल पार्क
Mon, 11 Sep 2023 12:50 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:50 PM IST
सार
हर्बल पार्क में अश्वगंधा, गिलोय, अदरक, तुलसी, रीठा, आंवला, रुद्राक्ष, अशोक, नीम, इमली, बेल, पीपल, पाकड़, बखाट, आसवपालव, हरिशृंगार, सर्पपर्णी, क्रोटन समेत अन्य अलग-अलग प्रजातियों के दो हजार पौधे लगाए जा रहे हैं।
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रामगढ़ ताल के किनारे जीडीए की ओर से बनवाया जा रहा हर्बल पार्क।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अब दिव्यांगों को भी शहर में घूमने-फिरने और मार्निंग वॉक के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। एनेक्सी भवन के सामने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) हर्बल पार्क विकसित कर रहा है। इसमें दृष्टिबाधितों के टहलने के लिए ब्रेल टाइल लगाई जा रही है। हर तरफ रैंप बन रहे हैं, ताकि व्हीलचेयर से आने वाले दिव्यांगजन भी आसानी से घूम सकें।
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हरियाली के लिए पार्क में दो हजार औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। हर पौधे के सामने उसकी विशेषता नाम के साथ एक बोर्ड पर लिखी जाएगी। इससे पार्क में आने वाले विद्यार्थियों को भी औषधि की जानकारी मिल सकेगी। अगले महीने तक काम पूरा करा कर इसे नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।
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रामगढ़ताल के किनारे जीडीए जलाशय, पार्क और दुकानों का निर्माण करा रहा है। पूरी योजना को फूड पार्क नाम दिया गया है। इसके एक हिस्से में हर्बल पार्क बनाया जा रहा है। इस पार्क में दो हजार औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। तीन एकड़ में जलाशय बनाया जा रहा है। इसके चारों ओर पाथवे बनेगा। फव्वारे लगाए जाएंगे। सुंदर लाइट से सजावट होगी।
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इस जलाशय के सटे ही ढाई एकड़ भूमि में हर्बल पार्क तैयार हो रहा है। यहां बन रहे पाथवे में ब्रेल टाइल लगाई जा रही है, ताकि दृष्टिबाधित लोग भी आसानी से टहल सकें। इसके अलावा पार्क में कहीं सीढ़ी नहीं होगी। इससे दिव्यांगजन व्हीलचेयर पर बैठकर भी यहां घूम सकेंगे।
औषधीय पौधों से बढ़ेगी खूबसूरती, विद्यार्थी पा सकेंगे जानकारी
पार्क में 2000 औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। धार्मिक महत्व वाले इन पौधों को उड़ीसा के कड़ियम और कोलकाता से मंगाया गया है। इन पौधों का वैज्ञानिक नाम, औषधीयगुण, धार्मिक महत्व की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। बोर्ड लगाकर इस पर पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इससे यहां आने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य लोगों को इनकी जानकारी मिल सकेगी। औषधीय पौधे पार्क की खूबसूरती भी बढ़ाएंगे। इसके अलावा पार्क में जलाशय के नजदीक 500 स्क्वायर फीट का योग चबूतरा बनेगा।
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इन प्रमुख पौधों के बारे में जान सकेंगे
हर्बल पार्क में अश्वगंधा, गिलोय, अदरक, तुलसी, रीठा, आंवला, रुद्राक्ष, अशोक, नीम, इमली, बेल, पीपल, पाकड़, बखाट, आसवपालव, हरिशृंगार, सर्पपर्णी, क्रोटन समेत अन्य अलग-अलग प्रजातियों के दो हजार पौधे लगाए जा रहे हैं।
फूड पार्क का निर्माण कार्य इसी माह में पूरा हो जाएगा। इसमें हर्बल पार्क विकसित किया जा रहा है। पार्क में औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। इन पौधों के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पार्क में ब्रेल टाइल भी लगाई जा रही है। -किशन सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता, जीडीए।
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इन प्रमुख पौधों के बारे में जान सकेंगे
हर्बल पार्क में अश्वगंधा, गिलोय, अदरक, तुलसी, रीठा, आंवला, रुद्राक्ष, अशोक, नीम, इमली, बेल, पीपल, पाकड़, बखाट, आसवपालव, हरिशृंगार, सर्पपर्णी, क्रोटन समेत अन्य अलग-अलग प्रजातियों के दो हजार पौधे लगाए जा रहे हैं।
फूड पार्क का निर्माण कार्य इसी माह में पूरा हो जाएगा। इसमें हर्बल पार्क विकसित किया जा रहा है। पार्क में औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। इन पौधों के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पार्क में ब्रेल टाइल भी लगाई जा रही है। -किशन सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता, जीडीए।