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पंचायत चुनाव 2021: 20 मार्च को जारी हो सकती आरक्षण की नई अनंतिम सूची, जानिए कितना बदलाव की है उम्मीद
Thu, 18 Mar 2021 10:13 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Mar 2021 10:13 AM IST
सार
- आपत्ति दर्ज कराने-निस्तारण के लिए कम समय मिलेगा, 26 मार्च को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
- पहले प्रकाशित हुई आरक्षण की अनंतिम सूची में 60 फीसदी तक बदलाव की उम्मीद
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पंचायत चुनाव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर शासन की तरफ से नई गाइडलाइन आधी रात या फिर बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी हो सकती है। प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य के कितने पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे इसका निर्धारण पहले से ही हो गया है। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। जिले स्तर पर पदवार आरक्षण तय करने के बाद 20 मार्च को अनंतिम सूची प्रकाशित की जा सकती है। इस बार आपत्तियां दर्ज कराने और उनके निस्तारण के लिए समय कम मिलेगा। 26 मार्च को आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित होगी।
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बुधवार देर शाम तक शासन की ओर से जारी होने वाले शासनादेश का इंतजार होता रहा। पंचायतीराज विभाग के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक नई व्यवस्था में दो मार्च को जारी सूची की तुलना में करीब 60 फीसदी तक आरक्षण में बदलाव हो सकता है।
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पूर्व में ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए जारी आरक्षण आवंटन की अनंतिम सूची को 1995 को आधार वर्ष बनाकर तैयार किया गया था। मगर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद अब पूरी व्यवस्था बदल गई। अब 2015 को आधार वर्ष बनाकर आरक्षण आवंटन किया जाना है। ऐसे में कई तरह के बदलाव होंगे।
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पूर्व की व्यवस्था में शासन ने निर्देश दे रखा था कि जो पद कभी एससी या ओबीसी के लिए नहीं आरक्षित हुए उन्हें इस बार इन वर्गों के लिए आरक्षित किया जाए। आरक्षण की नई व्यवस्था में यह फार्मूला नहीं काम करेगा। यहीं नहीं जो पद पिछले बार यानी 2015 में एससी, ओबीसी या महिला के लिए आरक्षित रहे वे इस बार उस वर्ग के लिए नहीं आरक्षित होंगे। ऐसे में आरक्षण की नई सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि आरक्षण को लेकर बृहस्पतिवार तक गाइडलाइन जारी हो जाने की पूरी उम्मीद है। बदली हुई व्यवस्था के अनुसार आरक्षण का आवंटन किया जाएगा। शासनादेश मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। पहले की तुलना में इस बार जल्द ही अनंतिम और अंतिम सूची का प्रकाशन होने की उम्मीद है। आरक्षित पदों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। शासन द्वारा पूर्व में निर्धारित संख्या के बराबर ही इस बार भी उतने ही पद आरक्षित रहेंगे।
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जिला पंचायत सदस्य का मुख्यालय, बाकी पदों के लिए नामांकन ब्लॉकों पर होगा
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एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने चुनाव में आरओ, एआरओ की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए पंचायत चुनाव से जुड़ी बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रशिक्षक ने बताया कि नामांकन पत्रों की बिक्री से प्राप्त आय को तय लेखा शीर्षक में जमा करना है। साथ ही नामांकन पत्रों की बिक्री के लिए ग्राम वार/वार्ड वार रजिस्टर व फाइल तैयार की जाए। प्रशिक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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