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मनरेगा : बिना काम के ही कर दिया 1.70 करोड़ का भुगतान, ऐसे खुली पोल
Tue, 21 Apr 2020 11:31 AM IST
vivek shukla
विनोद कुमार तिवारी, देवरिया।
विनोद कुमार तिवारी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 21 Apr 2020 11:31 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
देवरिया जिले के बनकटा ब्लॉक में मनरेगा के तहत बिना काम कराए 1.70 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी मिलते ही डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
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प्रारंभिक जांच में बनकटा ब्लॉक से जुड़ी 42 ग्राम पंचायतों में भुगतान की बात सामने आई है। वहीं एक करोड़ 89 लाख का भुगतान रोक दिया गया है। सूत्रों के अनुसार ऐसा खेल हर विकास खंड में हुआ है।
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सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण के दौरान कई खंड विकास अधिकारियों ने मनरेगा से बिना निर्माण कार्य कराए 31 मार्च को शासन से बजट आते ही भुगतान कर दिया। फिलहाल बनकटा ब्लॉक में इस खेल का पर्दाफाश हुआ है।
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आरोप है कि यहां पूर्व में बीडीओ का प्रभार देख रहे ग्राम्य विकास अभिकरण के एई ने प्रधानों व सचिवों से मिलकर पत्रावली तैयार कराकर भुगतान कर दिया। इसमें कुछ कार्य पूर्व के वर्षों के भी बताए जा रहे हैं। इसी बीच उनका स्थानांतरण भलुअनी ब्लॉक में हो गया।
ऐसे खुला राज
एक अप्रैल को डिप्टी कलेक्टर सौरभ सिंह ने बनकटा का चार्ज लिया। चार्ज देने में हीलाहवाली होने पर उन्हें शक हुआ। ऐसे में उन्होंने ग्राम पंचायतों में भुगतान पर रोक लगा दी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में करीब तीन करोड़ 59 लाख के भुगतान की बात सामने आई।
इसके बाद आनन-फानन में एक करोड़ 89 लाख का भुगतान रोक दिया गया। हालांकि इसके पूर्व एक करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान 42 गांवों में हो गया।
डिप्टी कलेक्ट्रेट सौरभ सिंह का कहना है कि जांच चल रही है। भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में घोटाला कितने का हुआ है। उधर, मामला संज्ञान में आते ही मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा ने जांच टीम गठित कर दी है।
इसमें खंड विकास अधिकारी बनकटा सौरभ सिंह, खंड विकास अधिकारी रुद्रपुर कार्तिकेय मिश्रा, डीसी मनरेगा, लेखाधिकारी उद्यान विभाग देवेंद्र श्रीवास्तव एवं एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि बनकटा विकास खंड की शिकायत मिली है। इस मामले में टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। फिलहाल डुप्लीकेसी का मामला अभी सामने आया है। जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद आनन-फानन में एक करोड़ 89 लाख का भुगतान रोक दिया गया। हालांकि इसके पूर्व एक करोड़ 70 लाख रुपये का भुगतान 42 गांवों में हो गया।
डिप्टी कलेक्ट्रेट सौरभ सिंह का कहना है कि जांच चल रही है। भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में घोटाला कितने का हुआ है। उधर, मामला संज्ञान में आते ही मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा ने जांच टीम गठित कर दी है।
इसमें खंड विकास अधिकारी बनकटा सौरभ सिंह, खंड विकास अधिकारी रुद्रपुर कार्तिकेय मिश्रा, डीसी मनरेगा, लेखाधिकारी उद्यान विभाग देवेंद्र श्रीवास्तव एवं एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि बनकटा विकास खंड की शिकायत मिली है। इस मामले में टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। फिलहाल डुप्लीकेसी का मामला अभी सामने आया है। जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।