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गोरखपुर: लगातार बारिश ने बढ़ा दी किसानों की चिंता, कुछ फसलों को नुकसान तो कुछ को फायदा
Mon, 21 Jun 2021 10:38 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:38 AM IST
सार
जून में सामान्य से डेढ़ गुनी ज्यादा बारिश से 15 प्रतिशत तक धान की नर्सरी खराब
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खेतों में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में लगातार हो रही बारिश से कुछ फसलों को फायदा हुआ, लेकिन धान की नर्सरी को काफी नुकसान हुआ है। अनुमान है कि गोरखपुर जिले में करीब 15 प्रतिशत धान की नर्सरी खराब हुई है। हालांकि जिन लोगों ने पहले धान की नर्सरी लगाने और फिर बाद में बुआई कर ली है। उनके लिए यह बारिश फायदेमंद है, लेकिन ऐसे किसानों की संख्या काफी कम है। वहीं यह बारिश अन्य फसलों के लिए फायदेमंद भी साबित हुई है।
इस बार जून के महीने में सामान्य से डेढ़ गुनी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर जून में 183 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार करीब 270 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार बारिश करीब करीब लगातार हो रही है।
ऐसे में जिन किसानों ने नीचे के खेत में नर्सरी लगाई है, उनकी नर्सरी लगातार बारिश की वजह से खराब हो रही है। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है उनके लिए यह बारिश बहुत ही उपयोगी है। वहीं जो किसान धान की नर्सरी अभी जल्द में ही लगाए हैं उनके लिए यह पानी नुकसानदायक साबित हो रही है और नर्सरी खराब हो रही है।
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इस बार जून के महीने में सामान्य से डेढ़ गुनी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर जून में 183 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार करीब 270 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार बारिश करीब करीब लगातार हो रही है।
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ऐसे में जिन किसानों ने नीचे के खेत में नर्सरी लगाई है, उनकी नर्सरी लगातार बारिश की वजह से खराब हो रही है। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है उनके लिए यह बारिश बहुत ही उपयोगी है। वहीं जो किसान धान की नर्सरी अभी जल्द में ही लगाए हैं उनके लिए यह पानी नुकसानदायक साबित हो रही है और नर्सरी खराब हो रही है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. नितीश पांडेय ने बताया कि जिन किसानों ने हाल में नर्सरी लगाई है वे किसान अपने धान की नर्सरी से पानी जल्द से जल्द निकालने की समुचित व्यवस्था करें। जो किसान धान की सीधी बुवाई अभी तक नहीं कर पाये हैं, वे लोग लगाकर ड्रम सीडर से धान की सीधी बुवाई कर सकते हैं। अरहर के लिए अभी जुलाई के महीने में बुवाई करनी है तो अरहर में कोई दिक्कत नहीं है अभी उसके लिए समय काफी है। इसी तरह से मक्का, ईंख आदि के लिए यह बारिश काफी हद तक फायदेमंद है।
अगले दो दिन बारिश फिर साफ होगा मौसम
दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश के ऊपर करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से सोमवार यानी आज और मंगलवार को भी गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना है। रविवार को भी पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहे। शहर में कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई।
दो दिन बारिश के बाद 23 और 24 जून को मौसम के साफ बने रहे की संभावना है। इसके बाद फिर अगले दो दिन गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बारिश होगी क्योंकि बिहार और झारखंड के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है।
अगले दो दिन बारिश फिर साफ होगा मौसम
दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश के ऊपर करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से सोमवार यानी आज और मंगलवार को भी गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना है। रविवार को भी पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहे। शहर में कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई।
दो दिन बारिश के बाद 23 और 24 जून को मौसम के साफ बने रहे की संभावना है। इसके बाद फिर अगले दो दिन गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में बारिश होगी क्योंकि बिहार और झारखंड के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है।