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अमर उजाला के अपराजिता: बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के तरीके, ऐसे करेंगी मनचलों का सामना
Thu, 28 Jul 2022 01:33 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Jul 2022 01:33 PM IST
सार
स्कूल के डायरेक्टर राहुल उपाध्याय और अरुण कुमार उपाध्याय ने कहा कि बेटियों को सशक्त बनाने में ऐसे प्रशिक्षणों का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। शिविर में 233 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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अमर उजाला अपराजिता।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मनचलों से डरें नहीं, उनका डटकर सामना करें। बेटियां भी बेटों की तरह समाज में बराबरी की हकदार हैं। सरकार ने महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाए हैं। ऐसे में अगर आपके साथ कुछ गलत हो रहा है तो महिला हेल्पलाइन पर फोन कर पुलिस की मदद लें। अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण आज के वक्त की मांग है।
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ये बातें अमर उजाला के अपराजिता मुहिम के तहत आरएसएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में कोच विशाल कुमार ने कहीं। प्रशिक्षण के दौरान कोच और उनकी टीम ने बेटियों को दुश्मन पर काबू पाने की आसान तकनीक बताई। साथ ही संकटकाल में पेन, मोबाइल फोन, दुपट्टा से खुद का बचाव करने का गुर सिखाया।
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दो घंटे के प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को पंच, किक, अटैक, डिफेंस के साथ लाठी डंडों के वार से खुद को बचाने का तरीका बताया गया। स्कूल के डायरेक्टर राहुल उपाध्याय और अरुण कुमार उपाध्याय ने कहा कि बेटियों को सशक्त बनाने में ऐसे प्रशिक्षणों का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। शिविर में 233 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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प्रधानाचार्य विनोद कुमार त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षक राधिका तिवारी, हरिवंश राव, रिजवान खान, हृदेश्वर शुक्ला और प्रशिक्षण देने वालों में साक्षी, शिवम मौर्या, प्रियांशी, नैंसी, रुद्र त्रिपाठी, उत्कर्ष मिश्रा आदि मौजूद रहें।
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ये बोली बेटियां
आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा हौसला
ताइक्वांडो टीम ने उपलब्ध संसाधनों के सहारे आत्मरक्षा के उपायों की बहुत सटीक जानकारी दी। दुश्मन के वार को बेकार करने की ये तरकीबें कर किसी के काम आ सकती हैं। आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण हमें भविष्य में बहुत काम आने वाला है।- खुशी जायसवाल, कक्षा-12
विपरीत परिस्थिति में आत्मविश्वास से काम लें
प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के तरीकों के साथ सीखने को मिला कि एकता में ही बल है। अब किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपट सकने का आत्मविश्वास है। इस तरह के कार्यक्रम होने से सभी छात्राओं को बहुत लाभ होता है।- माही पांडेय, कक्षा-12
तय करना है लंबा रास्ता
समाज में लड़कियों की स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। अब भी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है। अभियान से जुड़कर लड़कियों की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रम समय की मांग है।- ब्यूटी दुबे, कक्षा-11
समाज का सोच बदलना होगा
हमें खुद ही जागरूक होकर अपने हक के लिए आवाज उठानी होगी। इसमें महिलाओं को एक जुट रहने की जरूरत है। समाज के सोच में बदलाव लाने के लिए बेटियों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।- पलक सिंह, कक्षा-9
ताइक्वांडो टीम ने उपलब्ध संसाधनों के सहारे आत्मरक्षा के उपायों की बहुत सटीक जानकारी दी। दुश्मन के वार को बेकार करने की ये तरकीबें कर किसी के काम आ सकती हैं। आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण हमें भविष्य में बहुत काम आने वाला है।- खुशी जायसवाल, कक्षा-12
विपरीत परिस्थिति में आत्मविश्वास से काम लें
प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के तरीकों के साथ सीखने को मिला कि एकता में ही बल है। अब किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपट सकने का आत्मविश्वास है। इस तरह के कार्यक्रम होने से सभी छात्राओं को बहुत लाभ होता है।- माही पांडेय, कक्षा-12
तय करना है लंबा रास्ता
समाज में लड़कियों की स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। अब भी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है। अभियान से जुड़कर लड़कियों की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रम समय की मांग है।- ब्यूटी दुबे, कक्षा-11
समाज का सोच बदलना होगा
हमें खुद ही जागरूक होकर अपने हक के लिए आवाज उठानी होगी। इसमें महिलाओं को एक जुट रहने की जरूरत है। समाज के सोच में बदलाव लाने के लिए बेटियों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।- पलक सिंह, कक्षा-9