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Gorakhpur News: माता के मंदिरों में उमड़ी आस्था, जयकारों के साथ किए दर्शन
Fri, 20 Mar 2026 02:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 20 Mar 2026 02:56 AM IST
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गोरखपुर। चैत्र नवरात्र के पहले दिन शहर से लेकर गांवों तक श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। माता के मंदिरों में सुबह ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़। जयकारों के बीच भक्तों ने माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। घरों, मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों पर कलश स्थापना की गई। इसके बाद माता की पूजा, आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रहीं। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा। शहर के गोलघर काली मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु हाथों में नारियल चुनरी लिए माता की जयकार के साथ दर्शन-पूजन कर रहे थे। वहीं दाउदपुर काली मंंदिर में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लाग रहा।
बुढि़या माता मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पंक्ति में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार जयकारों के साथ कर रहे थे। मंदिर के पुजारी रामानंद ने बताया कि भोर में पूजा-अर्चना, भोग व आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए हैं। श्रद्धालु रीना मौर्य ने बताया कि एक घंटे से लाइन में लगकर दर्शन करने का सौभाग्य मिला। माता के प्रति हमारी आपार आस्था है।
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चौरीचौरा के तरकुलहा देवी मंदिर में सुबह से पूरे दिन माता का दर्शन पूजन श्रद्धालु कर रहे थे। जंगल कौड़िया स्थित दुर्गा मंदिर में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पुजारी दुर्गेश मौर्य ने बताया कि चैत्र नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की नौ दिनों तक काफी भीड़ रहती है। श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई कलश स्थापना
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में श्रद्धा और उल्लास के साथ कलश स्थापना की गई। यह अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के रूप में मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की ओर से संपन्न कराया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुए अनुष्ठान में परंपरागत रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। इसके बाद प्रधान पुजारी ने देवी के विभिन्न स्वरूपों का आह्वान करते हुए विधि-विधान से कलश स्थापना की। मंदिर प्रशासन के अनुसार, आगामी नौ दिनों तक गोरखनाथ मंदिर में प्रतिदिन सुबह एवं सायंकाल बड़े ही आस्था भाव के साथ दुर्गा सप्तशती पाठ और आरती का क्रम जारी रहेगा।
इस दौरान डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, अश्वनी त्रिपाठी, नित्यानंद तिवारी और शशांक पांडेय शास्त्री आदि ने अनुष्ठान को पूर्ण कराने में सहभागिता निभाई। वहीं आरती में योगाचार्य नवनीत दास, विनय गौतम व संस्कृति वेदपाठी छात्र मौजूद रहे।
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शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रहीं। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा। शहर के गोलघर काली मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु हाथों में नारियल चुनरी लिए माता की जयकार के साथ दर्शन-पूजन कर रहे थे। वहीं दाउदपुर काली मंंदिर में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लाग रहा।
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बुढि़या माता मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पंक्ति में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार जयकारों के साथ कर रहे थे। मंदिर के पुजारी रामानंद ने बताया कि भोर में पूजा-अर्चना, भोग व आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए हैं। श्रद्धालु रीना मौर्य ने बताया कि एक घंटे से लाइन में लगकर दर्शन करने का सौभाग्य मिला। माता के प्रति हमारी आपार आस्था है।
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चौरीचौरा के तरकुलहा देवी मंदिर में सुबह से पूरे दिन माता का दर्शन पूजन श्रद्धालु कर रहे थे। जंगल कौड़िया स्थित दुर्गा मंदिर में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पुजारी दुर्गेश मौर्य ने बताया कि चैत्र नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की नौ दिनों तक काफी भीड़ रहती है। श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई कलश स्थापना
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में श्रद्धा और उल्लास के साथ कलश स्थापना की गई। यह अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के रूप में मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की ओर से संपन्न कराया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुए अनुष्ठान में परंपरागत रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। इसके बाद प्रधान पुजारी ने देवी के विभिन्न स्वरूपों का आह्वान करते हुए विधि-विधान से कलश स्थापना की। मंदिर प्रशासन के अनुसार, आगामी नौ दिनों तक गोरखनाथ मंदिर में प्रतिदिन सुबह एवं सायंकाल बड़े ही आस्था भाव के साथ दुर्गा सप्तशती पाठ और आरती का क्रम जारी रहेगा।
इस दौरान डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, अश्वनी त्रिपाठी, नित्यानंद तिवारी और शशांक पांडेय शास्त्री आदि ने अनुष्ठान को पूर्ण कराने में सहभागिता निभाई। वहीं आरती में योगाचार्य नवनीत दास, विनय गौतम व संस्कृति वेदपाठी छात्र मौजूद रहे।