मानीराम-माधोपुर बांध का हाल: चूहों ने खोखला कर डाला बांध, जरा चूके तो गाड़ी समेत गड्ढों में समा जाएंगे
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बाढ़ को देखते हुए सुरक्षा और बचाव की तैयारी की गई है।
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रोहिन नदी के किनारे बने मानीराम-माधोपुर बंधे को चूहों ने खोखला कर दिया है। बंधे पर जगह- जगह गड्ढे बन गए हैं। बाढ़ बचाव का हाल यह है कि जिम्मेदारों ने इस बंधे से मुंह फेर लिया है। हालात इतने खतरनाक हैं कि बंधे से गुजरने वाले वाहन वालों के लिए जानलेवा बन सकते हैं। करीब पांच हजार वाहन इधर से रोजाना गुजरते हैं, जो हर वक्त खतरे में हैं।
लोगों का कहना है कि अगर बाढ़ आई तो बंधा, दबाव नहीं झेल पाएगा और इलाके में तबाही मच जाएगी। जब भी बाढ़ आती है, यहां बंधे के ऊपर तक पानी चढ़ जाता है। बावजूद, इसके बंधे की मरम्मत कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
मानीराम-माधोपुर बंधा करीब छह किमी की लंबाई में बना है। इस बंधे से महज 150 मीटर की दूरी पर रोहिन नदी बहती है। कटरियां ढाला तक ही करीब 30 से ज्यादा बड़े-बडे गड्ढे बन गए हैं। बंधा कई जगह धंस गया है, बंधे की सतह पर चूहों ने बिल बना रखे हैं और बंधे पर बनी सड़क भी जगह-जगह टूट गई है। बंधे से रोजाना भारी वाहन भी गुजरते हैं।
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शुक्रवार की सुबह करीब 10.05 बजे शिवभोले सहानी और राजू, बाइक से मोहरीपुर की ओर जा रहे थे। पूछने पर बताया कि ऐसे गड्ढे जगह-जगह मिल जाएंगे। इस बंधे से रोहिन नदी करीब 150 मीटर की दूरी पर बहती है। ग्रामीणों की बात सच निकली। आगे जाने पर जंगल नंदलाल गांव के सामने, बंधे पर बने राइस मिल के पास, रामपुर मोड़, मानीराम- डोहरिया मोड़ सहित करीब 30 जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यदि जरा चूके तो जान जा सकती है।
दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ती है बंधे की सड़क
बंधे पर बनी सड़क से होकर जंगल कौड़िया क्षेत्र के डोहरिया, शेरपुर चमराहे, भीटी, भिटनी, मीरपुर, बलुआ, सिहोंरवा, प्रतापपुर, अहिरौली, डीहाघाट सहित अन्य गांवों के लोग गोरखपुर शहर आते हैं। जंगल नंदलाल के कटनिया मोड़ के पास बने श्मशानघाट से बंधे की शुरूआत होती है। इस बंधे पर कटनियां से आगे जाने पर रियाहशी इलाका शुरू हो जाता है।
बांध कटा तो गांव डूबेंगे ही, बढ़ जाएगी शहर की दूरी
रामपुर गांव के पास कटनिया बंधे पर बनी पिच रोड से होकर छोटे- बड़े वाहन गुजरते हैं। शुक्रवार को 30 मिनट के भीतर यहां से छह ट्रक, 15 फोर व्हीलर और 30 से अधिक बाइक सवार गुजरे। इस रास्ते से जा रहे सागर और गोलू ने बताया कि गड्ढों की मरम्मत नहीं हुई तो बंधा कटने से गांव तो डूबेंगे ही, साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग शहर से कट जाएंगे।
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तिराहे पर हालत ज्यादा खराब, खतरे की जद में रामपुर
रामपुर गांव के पास ही रोहिन नदी पर पुल बना हुआ है। इसी पुल से डोहरिया सहित अन्य अन्य गांवों के लोग आते-जाते हैं। लोगों ने पुल वाली जगह का रामपुर तिराहा नाम रख दिया है। यहां अपनी गुमटी में बैठे अवध ने बताया कि करीब नौ साल पूर्व इस बंधे पर सड़क बनी थी। हर साल बरसात में जहां-तहां सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इस बार भी ऐसी ही हालत हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि रेनकट भरने के लिए मजदूर आए थे। रेनकट तो ठीक किए नहीं, सिर्फ घास छीलकर चले गए।
लोग बोले
जंगल नंदलाल निवासी शिवभोले साहनी ने कहा कि हम लोग इसी रास्ते से आते जाते हैं। पिच रोड बनने से बंधे पर वाहनों का दबाव है। बारिश होने पर इन गड्ढों से जब वाहन गुजरेंगे तो बंधे को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
जंगल नंदलाल निवासी राजू ने कहा कि नदी में बाढ़ आने पर कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, समय से बांध की मरम्मत जरूरी है। लेकिन, कोई ध्यान नहीं देता है।
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निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने कहा कि बंधों पर पीडब्ल्यूडी की जो भी सड़कें या पटरियां क्षतिग्रस्त हैं, उनके संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही उनकी मरम्मत कराई जाएगी।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बाढ़ को देखते हुए सुरक्षा और बचाव की तैयारी की गई है।