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Gorakhpur News: अब इमरजेंसी वार्ड में मरीज के तीमारदार को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा- रेफर हो आए थे मेडिकल कॉलेज

Sat, 18 May 2024 10:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 18 May 2024 10:58 AM IST
सार

शमशुन निशा ने गुलरिहा पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि इलाज करने वाले जूनियर डॉक्टर मरीज की हालत बिगड़ने की शिकायत करने पर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। विरोध करने पर मारने-पीटने लगे। बीच बचाव में मरीज की नतिनी नगमा आई तो उसे भी मारा-पीटा। इसके बाद परिजन भोर में मरीज को मेडिकल काॅलेज से निकालकर निजी अस्पताल ले गए।

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Now the attendant of the patient who came to the emergency ward was beaten by junior doctors
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बस्ती जिले की पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चिकवा टोला निवासी खातून निशा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में जूनियर डॉक्टरों ने पीट दिया। महिला का दोष केवल इतना था कि उसने इलाज कर रहे डॉक्टर से मरीज की हालत के बारे में पूछ लिया।

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सुबह महिला ने प्राचार्य को घटना की जानकारी दी। दोपहरी बाद उसने गुलरिहा पुलिस को भी तहरीर दी। दो दिन के अंदर मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ मारपीट की यह दूसरी घटना सामने आई है।
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पीड़िता शमसुन निशा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात में उनके पिता वकील अहमद को हार्ट अटैक आया। इलाज के लिए बस्ती जिला अस्पताल ले गईं, तो वहां से डॉक्टर ने मेडिकल काॅलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। रात 1.30 बजे मेडिकल काॅलेज के वार्ड-11 मेडिकल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया।
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डॉक्टर ने एक इंजेक्शन दिया और 10 गोलियां खिला दीं। इसके कुछ देर बाद सीने में दर्द और बढ़ने पर मरीज की छटपटाहट बढ़ गई। खातून निशा ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से मरीज की हालत की जानकारी ली।

शमशुन निशा ने गुलरिहा पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि इलाज करने वाले जूनियर डॉक्टर मरीज की हालत बिगड़ने की शिकायत करने पर भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। विरोध करने पर मारने-पीटने लगे। बीच बचाव में मरीज की नतिनी नगमा आई तो उसे भी मारा-पीटा। इसके बाद परिजन भोर में मरीज को मेडिकल काॅलेज से निकालकर निजी अस्पताल ले गए।

तीमारदारों ने रात भर कोसा
इस घटना से नाराज महिला और उसके साथ आए अन्य लोगों ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर बैठकर रात भर जूनियर डॉक्टरों की मनमानी और अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर कोसा। सुबह नौ बजे पीड़ित महिला प्राचार्य से मिली तो वहां भी डॉक्टरों को जी भरकर कोसा। उसने अस्पताल प्रबंधन की खूब फजीहत की। इसके बाद प्राचार्य ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।

प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि महिला सुबह शिकायत लेकर आई तो ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ समेत अन्य जिम्मेदारों को भी बुलाकर मामले की जानकारी ली। जूनियर डॉक्टर ने बताया कि रेफर आए मरीज की हालत गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद हालत स्थिर हुई।


इस दौरान पेट में दर्द की शिकायत पर फिर जरूरी इंजेक्शन लगाए गए। जिस महिला से विवाद हुआ वह वार्ड के बाहर थी, लेकिन अंदर आकर बार-बार परेशान कर रही थी। वह काफी अभद्र भाषा में डॉक्टरों से बात कर रही थी। मरीज का रिकाॅर्ड भी रख लिया था, जिसे समझा बुझाकर वापस लिया गया।
 

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