Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब हर सप्ताह होगा रैंकिंग की तैयारी का मूल्यांकन
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि रैंकिंग देसी-विदेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए आकर्षित करती है। इसे ध्यान में रखकर ही नैक से मिले ग्रेड को संजोए रखने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार की गई है।
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क्यूएस दक्षिण एशिया रैंकिंग में स्थान बनाने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन विश्व रैंकिंग की तैयारी में जुट गया है। इसे लेकर व्यापक स्तर पर रणनीति तैयार की जा रही है। विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ रैंकिंग में स्थान बनाने के लिए रणनीति का हर सप्ताह मूल्यांकन का निर्णय लिया है।
साप्ताहिक रिपोर्ट की वर्ष में एक बार ऑडिट भी कराई जाएगी जिससे की रैंकिंग के लिए आवेदन के दौरान डाटा कलेक्शन और अन्य मानकों में कोई कमी न रह जाए।
गोविवि की ओर से नैक मूल्यांकन के सात मानकों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यीय सात कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा एनआईआरएफ के पांच मानकों के लिए तीन सदस्यीय पांच कमेटी बनाई गई है। उनमें दो अनुभवी तो एक युवा शिक्षक को स्थान दिया गया है, जिससे तैयारी में कोई बिंदु छूटने न पाए।
इस तरह से नैक के लिए 21 सदस्यीय और एनआईआरएफ के लिए 15 सदस्यीय टीम तैयार की गई है। टीम की तैयारी की निगरानी की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के रैंकिंग सेल को सौंपी गई है। रैंकिंग सेल ही दोनों टीम की तैयारी की हर सप्ताह कुलपति के सामने प्रस्तुति सुनिश्चित करेगी।
इसमें टीम को अपने कार्य का ब्योरा तो देना ही होगा, साथ ही तैयारी को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत करना होगा। साप्ताहिक प्रस्तुति का प्रारूप राजभवन से मिले मार्गदर्शन के आधार पर तैयार किया जा रहा है। साप्ताहिक प्रस्तुतियों की वर्ष में एक बार ऑडिट कराई जाएगी। इससे परिणाम के आधार पर अगले सुधार के बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा।
दाेनों टीमों की यह भी जिम्मेदारी होगी कि वह क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग को लेकर भी कार्य करें। चूंकि क्यूएस रैंकिंग पूरी तरह विश्वविद्यालय के प्रति अकादमिक क्षेत्र में धारणा के आधार पर जारी की जाती है, ऐसे में नैक और एनआईआरएफ की टीमों को धारणा पर किए जा रहे कार्य पर फाेकस करना होगा।
ग्रेड और रैंकिंग की तैयारी की साप्ताहिक प्रस्तुति के जरिये विश्वविद्यालय की योजना विभागों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की भी है। इसके लिए प्रस्तुति के दौरान सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। तैयारी में बेहतर योगदान सुनिश्चित करने वाले विभागों की भूमिका से अन्य विभागों में भी बेहतर करने की भावना विकसित होगी, ऐसा विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि रैंकिंग देसी-विदेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए आकर्षित करती है। इसे ध्यान में रखकर ही नैक से मिले ग्रेड को संजोए रखने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार की गई है। अब इसकी तैयारी का साप्ताहिक मूल्यांकन होगा और वर्ष में एक मूल्यांकन की ऑडिट भी कराई जाएगी।