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Gorakhpur News: अब नगर निगम की तर्ज पर जीडीए भी वसूलेगा कर

Wed, 10 Jan 2024 03:31 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Jan 2024 03:31 PM IST
सार

जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि प्राधिकरण की कॉलोनियों से अनिर्माण शुल्क लिया जाएगा। साफ-सफाई एवं अन्य मद में आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों से अलग-अलग मासिक कर लेने का निर्णय लिया गया है।

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Now GDA will also collect tax on the lines of Municipal Corporation
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : Social Media

विस्तार

अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) भी नगर निगम की तरह अपनी कालोनियों में सफाई के लिए कर वसूलेगा। यह कर क्षेत्रफल के अनुपात में अलग-अलग होगा। कर उन्हीं कालोनियों में लिया जाएगा, जिनको अब तक नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया जा सका है। 28 फरवरी 2023 को हुई जीडीए बोर्ड की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास हुआ था। अब इसे प्रभावी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जीडीए उपाध्यक्ष ने ऐसी कॉलोनियों में कर वसूली का आदेश जारी कर दिया है।

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प्राधिकरण ने जो शुल्क का मसौदा तैयार किया है उसके मुताबिक, आवासीय निर्माण में 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर हर महीने 100 रुपये, 101 से 200 वर्ग मीटर तक 200 रुपये, 201 से 500 वर्ग मीटर तक प्रतिमाह 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। इसी तरह व्यावसायिक एकल दुकान के लिए 50 वर्ग मीटर तक 200 रुपये प्रतिमाह, 51 से 200 वर्ग मीटर तक 500 रुपये प्रतिमाह एवं 201 से 500 वर्ग मीटर तक एक हजार रुपये प्रतिमाह लेने का प्रस्ताव बना है।
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नर्सिंग होम, मैरिज हाल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से दो हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त निर्माण के समय निकलने वाले मलबे को हटाने के लिए 300 रुपये प्रतिटन चार्ज किया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से विभिन्न तरह के कर लिए जाते हैं, उसके बाद सफाई की जाती है।
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जब तक कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया जाता, तब तक सफाई का जिम्मा प्राधिकरण का होता है। सफाई कर्मियों एवं सफाई के लिए प्रयोग होने वाले उपकरणों पर खर्च करने के लिए जीडीए के पास कोई बजट नहीं होता। इसे प्राधिकरण के कोष से खर्च करना पड़ता है। इसलिए, काॅलोनियों को हस्तांतरित करने तक शुल्क लेने का प्रावधान किया जाएगा। नगर निगम को कालोनियां हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

 

जीडीए की 12 कॉलोनियों में वसूला जाएगा कर
प्राधिकरण की करीब 12 कॉलोनियां ऐसी हैं जो नगर निगम को हस्तांतरित नहीं हुई हैं। इनमें वसुंधरा एनक्लेव प्रथम, द्वितीय व तृतीय आवासीय योजना, लोहिया एन्क्लेव आवासीय योजना, वैशाली आवासीय योजना, यशोधरा कुंज आवासीय योजना, अमरावती निकुंज आवासीय योजना, कारपोरेट योजना, मानबेला स्थित पत्रकारपुरम, पत्रकारपुरम विस्तार शामिल हैं।

जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि प्राधिकरण की कॉलोनियों से अनिर्माण शुल्क लिया जाएगा। साफ-सफाई एवं अन्य मद में आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों से अलग-अलग मासिक कर लेने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों को नगर निगम के हस्तांतरित होने तक कर लिया जाएगा।
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