फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Now fraud by financing truck came to light... Rudransh went to jail

Gorakhpur News: ट्रक फाइनेंस कराकर की थी जालसाजी, अब रुद्रांश गया जेल; तीन बैंक कर्मियों को नोटिस

Wed, 31 Jan 2024 11:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 31 Jan 2024 11:21 AM IST
सार

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि एक फाइनेंस कंपनी की ओर से ट्रक फाइनेंस कराकर जालसाजी का मामला सामने आया है। एएसपी को जांच सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैंक की ओर से भी जानकारियां आई हैं।

विज्ञापन
Now fraud by financing truck came to light... Rudransh went to jail
बैंक से लोन लेकर हड़पने वाला जालसाज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में फर्जी दस्तावेज पर आईसीआईसीआई बैंक से 4.45 करोड़ रुपये के ऋण की जालसाजी के आरोपी रुद्रांश पांडेय की एक और जालसाजी का मामला सामने आया गया। टाटा फाइनेंस की ओर से एसएसपी को प्रार्थनापत्र देकर ट्रक फाइनेंस कराकर जालसाजी की जानकारी दी गई। बताया गया कि रियाज नाम से एक ट्रक का 39 लाख रुपये में फाइनेंस कराया गया और फिर रकम जमा नहीं की गई। एसएसपी ने इसकी भी जांच एएसपी को सौंपी है। उधर, 36 घंटे का रिमांड पूरा होने पर आरोपी रुद्रांश पांडेय को फिर से सोमवार की शाम जेल में दाखिल कर दिया गया।

विज्ञापन


आरोपी रुद्रांश से पूछताछ में सामने आए बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी पुलिस जाकर जांच की और अब एक-एक कर सभी को पूछताछ के लिए बुलाना भी शुरू कर दिया। बैंक की ओर से पुलिस को पूरी जानकारी दे दी गई है। बैंक ने यह भी बताया है जिन तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें बैंक ने निलंबित करते हुए नोटिस भी जारी कर दिया है। अब इसी के साथ पुलिस ने जांच और तेज कर दी है।
विज्ञापन


ताजा मामला में टाटा फाइनेंस की ओर से वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया है। उनका कहना है कि करीब दो साल पहले रियाज नाम से एक ट्रक का फाइनेंस कराया गया। कुछ रुपये तो जमा किए गए, लेकिन उसके बाद मौके पर जाने पर पता ही गलत पाया गया। इसके बाद कई नोटिस देने पर भी कोई जवाब नहीं आया है। वैभव ने एसएसपी को यह भी बताया कि वह रियाज के मामले की जानकारी होने के बाद आए हैं, नहीं तो कंपनी का रुपये को डूबा समझ रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब एसएसपी ने इस प्रकरण की भी जांच रुद्रांश पांडेय की जांच कर रहे एएसपी को सौंप दी है। पता चला है कि ये जालसाजी बैंक रोड की शाखा से की गई है। कुछ और ट्रकों के फाइनेंस कराकर जालसाजी की बात भी सामने आई है, जिसकी गहनता से जांच अब पुलिस ने शुरू कर दी है।

बैंक ने डिटेल दिया, अब पूछताछ कर जुटा रहे तथ्य
आईसीआईसीआई बैंक से पुलिस ने जिन भी कर्मचारियों के बारे में और दस्तावेज को मांगा था, वह सब पुलिस को मंगलवार को उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब पुलिस एक-एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए बुलाकर तथ्य जुटा रही है। रुद्रांश से पूछताछ और बैंक से आई जानकारियों का मिलान करके ही कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस अफसरों को उम्मीद है कि रुद्रांश ने कई बैंकों से जालसाजी की है और अब एक-एक कर लोग सामने आ रहे हैं। रुद्रांश के जालसाजी की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है।

 

मां-बाप से भी पूछताछ करेगी पुलिस, अभी पकड़ से दूर
आरोपी रुद्रांश पांडेय के मां-बाप के जालसाजी में शामिल होने की आशंका पर पुलिस उनकी भी तलाश शुरू कर दी है। लेकिन, वह फरार बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस उनसे कुछ जानकारी लेना चाह रही है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। लेकिन, उनके सामने न आने की वजह से पुलिस का शक गहरा होता जा रहा है। अब पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई है। क्योंकि दोनों पुराने जालसाजी के रिकॉर्ड भी हैं, इस वजह से पूरा संदेह है कि इस नए जालसाजी में भी ये लोग शामिल हो सकते हैं।

 

साहब.. आप चला रहे अभियान, इसीलिए आया हूं
टाटा फाइनेंस की ओर से आए वैभव श्रीवास्तव ने दिए प्रार्थनापत्र में इस बात को भी लिखा है कि पुलिस अभियान चलाकर जालसाजों पर कार्रवाई कर रही है, इसीलिए वह सामने आए हैं। नहीं तो मामला तो दो साल पुराना है। वह मान लिए थे कि अब जालसाज को पकड़ नहीं पाएंगे, लेकिन खबरों से पता चला कि शाहपुर थाने में रियाज नाम का शख्स पूछताछ के लिए आया है, इस वजह से आए हैं। इसकी जांच कराकर न्याय करा दिया जाए।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि एक फाइनेंस कंपनी की ओर से ट्रक फाइनेंस कराकर जालसाजी का मामला सामने आया है। एएसपी को जांच सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैंक की ओर से भी जानकारियां आई हैं। पुलिस गहनता से जांच कर रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed