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गोड़धोइया नाला: दो और मकानों में आईं दरारें, आसपास के लोगों में दहशत- 8 मकान हो चुके हैं खाली
Mon, 17 Nov 2025 12:26 PM IST
रोहित सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:26 PM IST
सार
नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि बीच-बीच में आकर मकान की देखभाल करते रहते हैं। एक सप्ताह पहले उनके मकान से सटे गोड़धोइया नाला का निर्माण काम चल रहा हैं। बड़ी-बड़ी मशीनों से गहरी खोदाई होने की वजह से बचे हुए मकान में दरारें आ गई हैं। वहीं पुष्पा पांडेय के मकान की पश्चिमी दीवार पर दरारें आईं हैं।
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मकान में आई दरार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गोड़धोइया नाले के निर्माण के दौरान शिवपुर सहबाजगंज में दो और मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे आसपास और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों की नींद उड़ गई है। कार्यदायी संस्था अब इन मकानों को खाली करने की तैयारी में है।
शिवपुर सहबाजगंज में पहले भी आठ मकानों में दरारें आ चुकी हैं। कार्यदायी संस्था ने इनमें से चार मकान मालिकों को मुआवजा देकर इसे खाली करने का नोटिस दिया है।
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शिवपुर सहबाजगंज में पहले भी आठ मकानों में दरारें आ चुकी हैं। कार्यदायी संस्था ने इनमें से चार मकान मालिकों को मुआवजा देकर इसे खाली करने का नोटिस दिया है।
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शिवपुर सहबाजगंज में नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी का मकान गोड़धोइया नाला से सटा है। वह थल सेना से 2007 में हवलदार पद से रिटायर्ड हैं। इसके बाद उन्होंने शिवपुर सहबाजगंज में 1325 वर्ग फीट जमीन खरीद कर मकान बनवाया। दिसंबर 2024 में गोड़धोइया नाला निर्माण के लिए तहसील प्रशासन ने 440 वर्गफीट प्रभावित हिस्सा की मुआवजा दिया था।
इसके बाद उन्होंने प्रभावित हिस्सा तोड़ दिया। 885 वर्गफीट जमीन में मकान बचा है। तभी से वह मकान में ताला बंद कर परिवार के साथ धर्मपुर में 12 हजार रुपये किराए पर कमरा लेकर रह रहें हैं।
नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि बीच-बीच में आकर मकान की देखभाल करते रहते हैं।
इसके बाद उन्होंने प्रभावित हिस्सा तोड़ दिया। 885 वर्गफीट जमीन में मकान बचा है। तभी से वह मकान में ताला बंद कर परिवार के साथ धर्मपुर में 12 हजार रुपये किराए पर कमरा लेकर रह रहें हैं।
नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि बीच-बीच में आकर मकान की देखभाल करते रहते हैं।
एक सप्ताह पहले उनके मकान से सटे गोड़धोइया नाला का निर्माण काम चल रहा हैं। बड़ी-बड़ी मशीनों से गहरी खोदाई होने की वजह से बचे हुए मकान में दरारें आ गई हैं। वहीं पुष्पा पांडेय के मकान की पश्चिमी दीवार पर दरारें आईं हैं। उनका मकान संगीता पांडेय के मकान की पूर्वी दीवार से सटे हैं।
पुष्पा पांडेय ने कहा कि कुछ लोगों का मुआवजा मिल गया लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। मकान में दरार आने से हम लोगों की रात की नींद उड़ गई है। जल्द ही इसे खाली कर हम सब किराए के मकान में चले जाएंगे। यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। उनका कहना था कि यहां रात भर कार्य चल रहा है इसके कारण मकान में कंपन हो रहा है, इससे भी परेशानी हो रही है।
पुष्पा पांडेय ने कहा कि कुछ लोगों का मुआवजा मिल गया लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। मकान में दरार आने से हम लोगों की रात की नींद उड़ गई है। जल्द ही इसे खाली कर हम सब किराए के मकान में चले जाएंगे। यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। उनका कहना था कि यहां रात भर कार्य चल रहा है इसके कारण मकान में कंपन हो रहा है, इससे भी परेशानी हो रही है।
सदर तहसीलदार ने किया निरीक्षण
रविवार को सदर तहसीलदार ने शक्तिनगर कॉलोनी में गोड़धोइया नाला का निरीक्षण किया। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं नाला से सटे प्रभावित मकान मालिकों से अपील की है कि जिन लोगों को मुआवजा मिल गया है वे मकान खाली कर दें ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
रविवार को सदर तहसीलदार ने शक्तिनगर कॉलोनी में गोड़धोइया नाला का निरीक्षण किया। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं नाला से सटे प्रभावित मकान मालिकों से अपील की है कि जिन लोगों को मुआवजा मिल गया है वे मकान खाली कर दें ताकि काम में तेजी लाई जा सके।