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गोरखपुर: नूर मोहम्मद को नहीं मिल सका जमीन पर कब्जा, अधिकारियों ने बताई वजह
Sat, 30 Oct 2021 06:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 30 Oct 2021 06:29 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ड्यूटी के कारण नहीं मिल सकी पुलिस की सुविधा, राजस्व कर्मी लौटे, शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में राजस्वकर्मियों को दिलाना था जमीन पर कब्जा ।
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नूर मोहम्मद
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के सहजनवां में धोखाधड़ी का शिकार हुए नूर मोहम्मद को अपना आवास और पैतृक जमीन पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शनिवार को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे राजस्वकर्मी थाने से पुलिस बल नहीं मिलने के कारण बिना काम किए लौट गए।
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बता दें कि, जैतपुर के गौसपुर गांव निवासी नूर मोहम्मद तीस वर्ष से रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहते थे। वर्ष 2008 में हुई चकबंदी में गांव के ही कुछ लोगों ने उनकी मृत्यु का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर जमीन हड़प ली थी। सितंबर 2021 में नूर मोहम्मद जब घर लौटे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई।
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इसके बाद खुद को जिंदा साबित करने के लिए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाए। वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए पैतृक संपत्ति और आवास दिलाने की मांग की। उनके इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद मामले की जांच-पड़ताल शुरू हो गई।
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इसका परिणाम यह हुआ कि राजस्व और चकबंदी विभाग ने उन्हें जीवित घोषित किया। नूर मोहम्मद राजस्व कागजों में जिंदा तो हो गए लेकिन उनकी जमीन और आवास वापस नहीं हुए। उनकी अपील पर एसडीएम सहजनवां ने राजस्वकर्मियों की पांच सदस्यीय टीम बनाकर जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया था।
शनिवार को राजस्व टीम नूर मोहम्मद को जमीन पर कब्जा दिलाने जैतपुर रवाना हुई लेकिन थाने से ही लौट गई क्योंकि पुलिस बल नहीं मिल सका। गीडा थाना प्रभारी विनय कुमार सरोज ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को शहर में थे, थाने का पुलिस बल मुख्यमंत्री ड्यूटी में लगाने से राजस्व टीम को पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। एसडीएम सहजनवां सुरेश कुमार राय ने बताया कि पुलिस बल मिलने पर राजस्व टीम कार्रवाई करेगी।