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Gorakhpur News: गोलघर में नाला निर्माण पर शुक्रवार को नहीं हुआ काम, आठ मीटर दीवार भी गिराई गई
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गोरखपुर। गोलघर में इंदिरा बाल विहार के पास सीएम ग्रिड फेज-टू के तहत चल रहे नाला निर्माण में हादसे के बाद शुक्रवार को काम नहीं हुआ। निर्माण स्थल पर सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को ही नाले के किनारे पहले से बनी करीब आठ मीटर लंबी दीवार भी नगर निगम की ओर से गिरा दी गई।
नगर निगम ने निजी निर्माण कराने वाले को नोटिस देकर चेतावनी दी है कि नाला निर्माण पूरा होने तक उसके किनारे किसी तरह की दीवार का निर्माण नहीं कराया जाएगा। नगर निगम की ओर से निजी निर्माणकर्ता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नाला निर्माण पूरा होने के बाद ही उसके बगल में दीवार या अन्य निजी निर्माण कराया जा सकेगा। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भाटी ने बताया कि नाले के किनारे अतिरिक्त और बनी दीवार भी गिरा दी गई है। निर्माण कराने वाले को चेतावनी दी गई है कि नाला निर्माण के दौरान किसी तरह का निर्माण कराकर काम में बाधा न डाली जाए।
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नाला निर्माण में लापरवाही पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद नाला निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को लेकर नगर निगम और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नाले के ठीक बगल में नई बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू होने के बावजूद उसे समय रहते रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी सवालों के घेरे में है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से हादसे की स्थिति बनी। एक ओर नाले का निर्माण चल रहा था, वहीं दूसरी ओर उसके बिल्कुल किनारे नई दीवार खड़ी कर दी गई। ऐसे में निर्माण स्थल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नई बाउंड्री के निर्माण को रोक दिया जाता तो मजदूर के घायल होने की घटना टाली जा सकती थी।
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बृहस्पतिवार को घायल हुआ था मजदूर
एक दिन पहले, बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे इसी स्थान पर नाला निर्माण के दौरान करीब सात फीट ऊंची नई चहारदीवारी भरभराकर गिर गई थी। नाले में सरिया बांध रहा करीब 18 वर्षीय मजदूर काजी मलबे में दब गया था। उसके चिल्लाने पर साथी मजदूरों और आसपास के दुकानदारों ने करीब 10 लोगों की मदद से उसे मलबे से बाहर निकाला था। मजदूर के सिर और कंधे में चोट लगी थी। ठेकेदार उसे जिला अस्पताल लेकर गया था, जहां प्राथमिक जांच के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। नगर निगम के अभियंताओं के मुताबिक नाला निर्माण पूरा होने के बाद भवन मालिक को नई चहारदीवारी बनाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार सुबह पुरानी और नई ईंटों से करीब सात फीट ऊंची दीवार बना दी गई थी। रात में पांच मजदूर नाले की ढलाई के लिए सरिया बांध रहे थे, तभी करीब 12 फीट लंबाई में दीवार गिर गई थी।
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कोट
नाले का निर्माण पूरा होने तक उसके किनारे किसी तरह का निजी निर्माण नहीं कराया जाएगा। संबंधित मालिक को नोटिस देकर इसकी जानकारी दी गई है। नाला निर्माण पूरा होने के बाद ही बगल में दीवार या अन्य निर्माण कराया जा सकेगा। शुक्रवार को मौके पर निर्माण कार्य नहीं हुआ।
-अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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नगर निगम ने निजी निर्माण कराने वाले को नोटिस देकर चेतावनी दी है कि नाला निर्माण पूरा होने तक उसके किनारे किसी तरह की दीवार का निर्माण नहीं कराया जाएगा। नगर निगम की ओर से निजी निर्माणकर्ता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नाला निर्माण पूरा होने के बाद ही उसके बगल में दीवार या अन्य निजी निर्माण कराया जा सकेगा। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भाटी ने बताया कि नाले के किनारे अतिरिक्त और बनी दीवार भी गिरा दी गई है। निर्माण कराने वाले को चेतावनी दी गई है कि नाला निर्माण के दौरान किसी तरह का निर्माण कराकर काम में बाधा न डाली जाए।
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नाला निर्माण में लापरवाही पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद नाला निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को लेकर नगर निगम और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। नाले के ठीक बगल में नई बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू होने के बावजूद उसे समय रहते रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी सवालों के घेरे में है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से हादसे की स्थिति बनी। एक ओर नाले का निर्माण चल रहा था, वहीं दूसरी ओर उसके बिल्कुल किनारे नई दीवार खड़ी कर दी गई। ऐसे में निर्माण स्थल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नई बाउंड्री के निर्माण को रोक दिया जाता तो मजदूर के घायल होने की घटना टाली जा सकती थी।
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बृहस्पतिवार को घायल हुआ था मजदूर
एक दिन पहले, बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे इसी स्थान पर नाला निर्माण के दौरान करीब सात फीट ऊंची नई चहारदीवारी भरभराकर गिर गई थी। नाले में सरिया बांध रहा करीब 18 वर्षीय मजदूर काजी मलबे में दब गया था। उसके चिल्लाने पर साथी मजदूरों और आसपास के दुकानदारों ने करीब 10 लोगों की मदद से उसे मलबे से बाहर निकाला था। मजदूर के सिर और कंधे में चोट लगी थी। ठेकेदार उसे जिला अस्पताल लेकर गया था, जहां प्राथमिक जांच के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। नगर निगम के अभियंताओं के मुताबिक नाला निर्माण पूरा होने के बाद भवन मालिक को नई चहारदीवारी बनाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार सुबह पुरानी और नई ईंटों से करीब सात फीट ऊंची दीवार बना दी गई थी। रात में पांच मजदूर नाले की ढलाई के लिए सरिया बांध रहे थे, तभी करीब 12 फीट लंबाई में दीवार गिर गई थी।
कोट
नाले का निर्माण पूरा होने तक उसके किनारे किसी तरह का निजी निर्माण नहीं कराया जाएगा। संबंधित मालिक को नोटिस देकर इसकी जानकारी दी गई है। नाला निर्माण पूरा होने के बाद ही बगल में दीवार या अन्य निर्माण कराया जा सकेगा। शुक्रवार को मौके पर निर्माण कार्य नहीं हुआ।
-अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम