जांच में मामला निकला रहा फर्जी: बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, जांच में आरोपी बालक कलंक मुक्त
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस मामले की गहराई से जांच की है। पुलिस की अब तक की जांच में बच्ची के साथ किसी प्रकार के गलत काम की पुष्टि नहीं हुई है। बच्ची की मां ने मेडिकल के बाद कोर्ट में बयान से भी इंकार कर दिया था, लेकिन मंगलवार को बयान के लिए लेकर जाने को तैयार हुई है। अब बयान होने के बाद जांच के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
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गोरखपुर जिले में चिलुआताल इलाके के एक गांव में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना पुलिस की जांच में मनगढ़ंत साबित हो रही है। जांच में सामने आया है कि रंजिश में महिला ने अपने चचेरे भाइयों पर दबाव बनाने के लिए केस दर्ज कराया, ताकि अपनी बात मनवाई जा सके। लेकिन अभी बच्ची का कोर्ट में बयान होना बाकी है। मंगलवार को पुलिस कोर्ट में बच्ची का बयान कराएगी।
पुलिस को दिए बयान में बच्ची ने कुछ नहीं बताया है। जांच में रंजिश की पुष्टि होने के बाद साक्ष्यों के साथ पुलिस ने केस फाइल बंद करने की तैयारी कर ली है। उधर आरोपी बनाए गए 10 साल के बच्चे के घर आने और न्याय मिलने की उम्मीद जगने पर परिवार वालों में खुशी का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल के एक गांव की रहने वाली महिला ने तीन साल की बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पीड़िता के पिता की मौत के बाद मां उसके साथ मायके में ही रहती है। महिला का आरोप जिस बच्चे पर था, उसकी भी उम्र महज 10 साल की है और रिश्ते में वह चचेरा मामा लगता है।
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इस वजह से पुलिस ने डॉक्टर से भी 10 साल के उम्र में शारीरिक विकास के बारे में समझा। उधर, पुलिस ने जब मेडिकल जांच कराने के लिए कहा तो मां, बच्ची को अस्पताल से लेकर चली आई थी। इसी के बाद पुलिस का शक गहरा हो गया था।
पुलिस को जांच के आधार पर बच्ची से हैवानियत होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। अब पुलिस फाइल को बंद करने की तैयारी में है। लेकिन इसके पहले कोर्ट में बयान भी कराया जाना है, जिससे मां ने इंकार कर दिया था। अब मंगलवार को बच्ची को कोर्ट में बयान कराने के लिए तैयार हुई है।
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मां ने मेडिकल कराने से कर दिया था इनकार
घटना के दो दिन बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया। 10 साल के बच्चे को पुलिस सादे वर्दी में जाकर थाने भी लाई थी, लेकिन वह आते ही रोने लगा था। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा, लेकिन अस्पताल में जाने के बाद मां उसे लेकर चली आई और मेडिकल कराने से इंकार कर दिया था।
पुलिस को पहले दिन से ही घटना पर शक था, इस वजह से पुलिस ने गहराई से जांच शुरू कर दी। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी ही निकला है। जिस तीन साल की बच्ची को इस गंदी साजिश का हिस्सा बनाया गया, वह भी थाने पर रुकने पर रोती ही थी। उसकी मासूमियत की आड़ में घिनौना काम करने की कोशिश किसी और ने नहीं, बल्कि मां ने ही की है।
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यह है मामला
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गांव में पंचायत के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन शुक्रवार शाम में बच्ची की मां ने डाॅयल 112 पर दुष्कर्म की सूचना दी। पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मां ने आरोपी की उम्र को 12 साल बताया है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस मामले की गहराई से जांच की है। पुलिस की अब तक की जांच में बच्ची के साथ किसी प्रकार के गलत काम की पुष्टि नहीं हुई है। बच्ची की मां ने मेडिकल के बाद कोर्ट में बयान से भी इंकार कर दिया था, लेकिन मंगलवार को बयान के लिए लेकर जाने को तैयार हुई है। अब बयान होने के बाद जांच के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।