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Gorakhpur News: सूर्यकुंड धाम में नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ और भागवत कथा शुरू
Wed, 16 Sep 2026 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:48 AM IST
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गोरखपुर। सूर्यकुंड धाम में मंगलवार को सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इसके पहले गाजे-बाजे और भगवान के जयकारों के बीच निकली कलश यात्रा में पीले वस्त्र पहनी महिलाओं और युवतियों ने हिस्सा लिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भजनों पर श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़े।
कलश यात्रा सूर्यकुंड कॉलोनी, सिधारीपुर, सुभाष चंद्र बोस नगर और संकट मोचन नगर होते हुए माधोपुर हार्वर्ट बांध पहुंची। यहां मंत्रोच्चार के बीच राप्ती नदी से जल भरकर श्रद्धालु सूर्यकुंड धाम स्थित यज्ञ मंडप पहुंचे। यज्ञशाला में कलश स्थापित करने के बाद महायज्ञ और कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ।
शाम को श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन धाम के कथावाचक हनुमतेश मिश्र ने भागवत महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है और मनुष्य को पापों से मुक्ति का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप है। कथा के बाद भजन, आरती और प्रसाद वितरण हुआ। संचालन मदन राजभर ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कलश यात्रा सूर्यकुंड कॉलोनी, सिधारीपुर, सुभाष चंद्र बोस नगर और संकट मोचन नगर होते हुए माधोपुर हार्वर्ट बांध पहुंची। यहां मंत्रोच्चार के बीच राप्ती नदी से जल भरकर श्रद्धालु सूर्यकुंड धाम स्थित यज्ञ मंडप पहुंचे। यज्ञशाला में कलश स्थापित करने के बाद महायज्ञ और कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ।
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शाम को श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन धाम के कथावाचक हनुमतेश मिश्र ने भागवत महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है और मनुष्य को पापों से मुक्ति का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप है। कथा के बाद भजन, आरती और प्रसाद वितरण हुआ। संचालन मदन राजभर ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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