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अभिषेक हत्याकांड: 5 राज्यों में छिपते घूम रहा था, दिल्ली से शुरू हुई घेराबंदी- गोरखपुर पहुंचा तो स्टेशन पर हुई
Sat, 21 Feb 2026 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 02:52 AM IST
सार
जांच में सामने आया कि आरोपी मुंबई से निकलकर पहले बस्ती पहुंचा, फिर अयोध्या की ओर चला गया। मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी, लेकिन वह हर बार ठिकाना बदल देता था। पुलिस के अनुसार उसने मुंबई, दिल्ली के अलावा मध्य प्रदेश और हरियाणा में आरोपी छिपता रहा।
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गिरफ्तार हत्याकांड का मुख्य आरोपी
- फोटो : स्त्रोत- पुलिस
विस्तार
गीडा थाना क्षेत्र के चर्चित अभिषेक सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी गोला क्षेत्र के सुअरज निवासी निखिल कुमार गौड़ उर्फ गोलू उर्फ रितिक को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। मुंबई-दिल्ली तो कभी अयोध्या-बस्ती में छिपता फिरा।
पांच राज्यों में लगातार ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा आरोपी दिल्ली से ट्रैक हुआ और विशेष टीम ने उसका पीछा करते हुए लखनऊ में घेराबंदी की। आखिरकार गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उसे दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी में स्थानीय ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। टीम ने कुछ ग्रामीणों को साथ रखा था। रेलवे स्टेशन पर मुख्य आरोपी को देखते ही ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाइक और अभिषेक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
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अवैध संबंध के शक में गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ निवासी 18 वर्षीय अभिषेक सिंह की हत्या के बाद से मुख्य आरोपी गोला क्षेत्र के सुअरज निवासी निखिल कुमार गौड़ उर्फ गोलू उर्फ रितिक भागा हुआ था। वारदात के बाद उसने पत्नी, मां, बहन और छोटे भाई के साथ घर में ताला बंद किया और गायब हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर टीम को गुमराह कर रहा था। तकनीकी सर्विलांस में चार दिन पहले उसकी लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई थी। स्थानीय पुलिस की मदद से जब टीम वहां पहुंची तो वह हाथ नहीं आया।
मुंबई से बस्ती, फिर अयोध्या और दिल्ली तक भागता रहा
जांच में सामने आया कि आरोपी मुंबई से निकलकर पहले बस्ती पहुंचा, फिर अयोध्या की ओर चला गया। मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी, लेकिन वह हर बार ठिकाना बदल देता था। पुलिस के अनुसार उसने मुंबई, दिल्ली के अलावा मध्य प्रदेश और हरियाणा में आरोपी छिपता रहा।
उसने कई बार मोबाइल सिम बदला और परिचितों के जरिये शरण लेकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। इसी बीच उसकी ताजा लोकेशन दिल्ली में मिली, जिसके बाद विशेष टीम रवाना हुई।
लखनऊ में घेराबंदी, गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर दबोचा
दिल्ली से उसकी मूवमेंट उत्तर प्रदेश की ओर पाई गई। पुलिस ने लखनऊ में घेराबंदी की और सूचना मिली कि वह ट्रेन से गोरखपुर लौट रहा है। सतर्क टीम ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और प्लेटफॉर्म पर उतरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने सिर के बाल छोटे कराकर अपनी पहचान बदलने की कोशिश की थी, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। इस पर टीम ने उसे दबोच लिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी सर्विलांस के साथ स्थानीय सूचनाओं को भी जोड़ा गया। लगातार सिम बदलने और लोकेशन शिफ्ट करने के बावजूद पुलिस टीम ने धैर्य नहीं खोया। आरोपी को रेलवे स्टेशन गोरखपुर से पकड़ लिया गया है: ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी नार्थ
दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार
पुलिस ने अभिषेक सिंह की हत्या में शामिल दो सगे भाइयों शाहपुर के गीता वाटिका, आवास विकास कॉलोनी निवासी पवन कुमार और विजय को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। जांच में सामने आया था कि वारदात की रात दोनों भाइयों ने अभिषेक का हाथ-पैर पकड़ रखा था, जबकि मुख्य आरोपी ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अवैध संबंधों के शक में उन्होंने हत्या की साजिश रची थी।
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पांच राज्यों में लगातार ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा आरोपी दिल्ली से ट्रैक हुआ और विशेष टीम ने उसका पीछा करते हुए लखनऊ में घेराबंदी की। आखिरकार गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उसे दबोच लिया गया।
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गिरफ्तारी में स्थानीय ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। टीम ने कुछ ग्रामीणों को साथ रखा था। रेलवे स्टेशन पर मुख्य आरोपी को देखते ही ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाइक और अभिषेक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
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अवैध संबंध के शक में गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ निवासी 18 वर्षीय अभिषेक सिंह की हत्या के बाद से मुख्य आरोपी गोला क्षेत्र के सुअरज निवासी निखिल कुमार गौड़ उर्फ गोलू उर्फ रितिक भागा हुआ था। वारदात के बाद उसने पत्नी, मां, बहन और छोटे भाई के साथ घर में ताला बंद किया और गायब हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर टीम को गुमराह कर रहा था। तकनीकी सर्विलांस में चार दिन पहले उसकी लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई थी। स्थानीय पुलिस की मदद से जब टीम वहां पहुंची तो वह हाथ नहीं आया।
मुंबई से बस्ती, फिर अयोध्या और दिल्ली तक भागता रहा
जांच में सामने आया कि आरोपी मुंबई से निकलकर पहले बस्ती पहुंचा, फिर अयोध्या की ओर चला गया। मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी, लेकिन वह हर बार ठिकाना बदल देता था। पुलिस के अनुसार उसने मुंबई, दिल्ली के अलावा मध्य प्रदेश और हरियाणा में आरोपी छिपता रहा।
उसने कई बार मोबाइल सिम बदला और परिचितों के जरिये शरण लेकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। इसी बीच उसकी ताजा लोकेशन दिल्ली में मिली, जिसके बाद विशेष टीम रवाना हुई।
लखनऊ में घेराबंदी, गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर दबोचा
दिल्ली से उसकी मूवमेंट उत्तर प्रदेश की ओर पाई गई। पुलिस ने लखनऊ में घेराबंदी की और सूचना मिली कि वह ट्रेन से गोरखपुर लौट रहा है। सतर्क टीम ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और प्लेटफॉर्म पर उतरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने सिर के बाल छोटे कराकर अपनी पहचान बदलने की कोशिश की थी, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। इस पर टीम ने उसे दबोच लिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी सर्विलांस के साथ स्थानीय सूचनाओं को भी जोड़ा गया। लगातार सिम बदलने और लोकेशन शिफ्ट करने के बावजूद पुलिस टीम ने धैर्य नहीं खोया। आरोपी को रेलवे स्टेशन गोरखपुर से पकड़ लिया गया है: ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी नार्थ
दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार
पुलिस ने अभिषेक सिंह की हत्या में शामिल दो सगे भाइयों शाहपुर के गीता वाटिका, आवास विकास कॉलोनी निवासी पवन कुमार और विजय को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। जांच में सामने आया था कि वारदात की रात दोनों भाइयों ने अभिषेक का हाथ-पैर पकड़ रखा था, जबकि मुख्य आरोपी ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अवैध संबंधों के शक में उन्होंने हत्या की साजिश रची थी।