Chaitra navratri 2023: नवरात्र एक संकल्प, मदद के साथ हौसला बढ़ाने का
नवरात्र में शहर की कुछ ऐसी प्रतिष्ठित महिलाएं भी हैं, जो मां की आराधना के बीच भी अपने सामाजिक सरोकारों को निभाना नहीं भूलती हैं। वृद्धा आश्रमों, मलिन बस्तियों में जाकर लोगों के बीच समय गुजारती हैं और उनकी मदद करती हैं।
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नवरात्र में शहर की कुछ ऐसी प्रतिष्ठित महिलाएं भी हैं, जो मां की आराधना के बीच भी अपने सामाजिक सरोकारों को निभाना नहीं भूलती हैं। वृद्धा आश्रमों, मलिन बस्तियों में जाकर लोगों के बीच समय गुजारती हैं और उनकी मदद करती हैं। उनका हौसला बढ़ाती हैं। वहीं, कुछ मां के समक्ष गरीब कन्याओं की मदद का संकल्प लेकर पूरे साल मददगार बनती हैं।
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गरीब कन्या के विवाह में करूंगी सहयोग
सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मोदी ने कहा सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मोदी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह नवरात्र इस बार भी मलिन बस्ती की लड़कियों के बीच मनाऊंगी। एक गरीब कन्या के विवाह में आर्थिक सहयोग करने का संकल्प इस बार लिया है। इसके साथ मलिन बस्ती की 108 कन्याओं का पूजन कर उन्हें जरूरी चीजें वितरित करनी हैं।
जरूरतमंदों की मदद का संकल्प लिया
राज्य महिला आयोग अंजू चौधरी, उपाध्यक्ष ने कहा कि नौ दिन मां शक्ति की आराधना करती हूं। जरूरतमंदों को आर्थिक मदद व महिलाओं को जरूरी सहायता देती हूं। जिस इलाके में मैं रहती हूं, वहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है। उनकी समस्याओं का अपने स्तर तक निस्तारण करती हूं।
निशुल्क परामर्श और दवाओं का करती हूं प्रबंध
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अमृता जयपुरियार ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के नाते अपनी तरफ से जितना मुमकिन होता है सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहती हूं। कई सामाजिक संस्थानों से जुड़कर जरूरतमंदों की मदद करती हूं। दुर्गा मां की प्रेरणा से ही जरूरतमंद की मदद करती हूं। अगर कोई जरूरतमंद आ जाता है, उसे निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ दवाओं का भी प्रबंध कराती हूं।
मां की भक्ति से मिलती है शक्ति
सामाजिक कार्यकर्ता वंदना दास ने कहा कि मां का स्वरूप ही ममतामयी होता है। माता की भक्ति से जितनी शक्ति मिलती है उसे सेवा के रूप में लोगों तक पहुंचाती हूं। इनरव्हील, जेसीआई, संस्कार भारती संस्थाओं से जुड़ी हुई हूं। इन संस्थाओं के जरिए जरूरतमंदों के बीच जाकर महिला स्वावलंबन और सामाजिक कार्य करती हूं।
आश्रम में जाकर करती हूं जरूरतमंदों की सेवा
सामाजिक कार्यकर्ता स्मिता अग्रवाल ने कहा कि मेरे लिए नवरात्र खास होता है। आश्रमों में जाकर वहां रहने वालों के बीच समय गुजारती हूं। जरूरत के हिसाब से उनकी मदद करती हूं। वैसे तो पूरे साल सामाजिक कार्यों में भागीदारी रहती।