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नगर निगम: अब एक साथ नहीं देना होगा तीन साल का कर

Thu, 07 Dec 2023 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 07 Dec 2023 02:17 AM IST
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Municipal Corporation: Now three years' tax will not have to be paid at once

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जीआईएस सर्वे: नगर आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021, 22 और 23 का कर अब जुड़कर नहीं आएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। पिछले दिनों रायगंज के आलिम का कर अचानक 12 हजार रुपये आ गया था। इसके पहले तक आलिम हमेशा कर का नियमित भुगतान ढाई से तीन हजार रुपये करते थे, लेकिन जीआईएस सर्वे के आधार पर समीक्षा के बाद बिल चार हजार रुपये जोड़कर बना दिया गया। नगर निगम गए तो पता लगा कि जीआईएस सर्वे के आधार पर तीन वित्तीय वर्ष जोड़कर बिल बनाया गया है। अब आलिम को राहत मिल जाएगी, क्योंकि नगर निगम कार्यकारिणी ने फैसला लिया है कि जिस तिथि से करदाताओं को नोटिस दिया गया है, उस वित्तीय वर्ष से ही कर की वसूली की जाएगी।


नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-2022, 2022-23 के गृह कर, जल कर और सीवर कर (संपत्ति कर) को फिर से निर्धारित करते हुए शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन के निर्देश के आधार पर ही इसे लागू किया जाएगा।
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दरअसल, पार्षद इसका विरोध पहले से ही कर रहे थे। बैठक में भी पार्षदों ने जीआईएस सर्वेक्षण पर मेयर व नगर आयुक्त को घेरा। आरोप लगाया कि लगभग 40 फीसदी सर्वे गलत है। साल 2021 से जिन लोगों को बढ़े हुए टैक्स लगाने का नोटिस जारी किया गया, उसे निरस्त किया जाए। बैठक में तय किया गया कि जिन भवनों पर अधिक टैक्स जीआईएस सर्वे से लगा है, आपत्ति मिलने पर उसपर तुरंत कार्रवाई की जाए।
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इसी के बाद कर को लेकर जीआईएस में संशोधन किया गया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि 1.53 लाख संपत्तियों से पहले ही निगम संपत्ति कर वसूल रहा है। 30 हजार ऐसी संपत्तियां हैं, जीआईएस सर्वे में जिनका दायरा बढ़ा मिला है। ऐसे लोगों के कर में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सर्वेक्षण में 70 से 72 हजार नई संपत्तियों (भवन) को चिह्नित किया गया है। इनमें 16 हजार को नोटिस दिया जा चुका है, जिसमें 3400 लोगों को बिल भी दिया गया है। नगर आयुक्त ने बताया 2021 से लेकर इस वित्तीय वर्ष में नए कर को नहीं देना होगा। शासन से फैसला आने के बाद इसपर फैसला लिया जाएगा।
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