गोरखपुर: दस्तक अभियान में पता की जाएगी मच्छरों की प्रजाति, एंटोमोलोजिस्ट करेंगे जांच
मच्छरजनित बीमारियों का भी लगाया जाएगा पता, मलेरिया विभाग के सहयोग से एंटोमोलोजिस्ट करेंगे मच्छरों की जांच।
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दो अप्रैल से शुरू होने वाले दस्तक अभियान में मच्छरों के बारे में पता किया जाएगा। इसके तहत ऐसे मोहल्ले चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां मच्छरों से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। ऐसे स्थानों से मच्छरों को पकड़कर उसकी प्रजाति पता की जाएगी। साथ यह भी पता किया जाएगा कि उन मोहल्ले में मच्छरजनित कौन सी बीमारियों का ज्यादा प्रकोप है। इसकी जिम्मेदारी मलेरिया विभाग को सौंपी गई है।
मलेरिया विभाग ब्लॉकों से संपर्क कर दस्तक अभियान में आशा और एएनएम के माध्यम से घरों को चिह्नित कराने की तैयारी में है। ऐसे स्थानों पर अगर मच्छरों के लार्वा मिलते हैं तो इन्हें नष्ट कराया जाएगा। इसके बाद से यह तय होगा कि जिले के कितने घरों में मच्छरों के लार्वा थे। इसके बाद मलेरिया विभाग इसकी सूची पंचायती राज विभाग और नगर निगम को सौंपेगा, ताकि उन इलाकों और घरों के आसपास सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों खासकर जेई-एईएस, मलेरिया और डेंगू से प्रभावित गांव और मोहल्ले की सूची तैयार की जा रही है। क्योंकि, पिछले साल जेई-एईएस के 240, मलेरिया के 11 और डेंगू के 69 मरीज मिले थे। ये मरीज जिन इलाकों के थे, वहां पर एंटी लार्वा और फॉगिग कराई जाएगी।
एंटोमोलाजिस्ट करेंगे मच्छरों की प्रजाति की जांच
मच्छरों को पकड़ने और उनकी प्रजाति की जांच एडी हेल्थ कार्यालय के एंटोमोलाजिस्ट डॉ. वीके श्रीवास्तव करेंगे। वह टीम के साथ ऐसे क्षेत्रों में जाएंगे, जहां पर मच्छरों से जनित बीमारियां का प्रकोप रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने कहा कि शासन से निर्देश मिलने के बाद टीम अभियान में लगाई जाएगी। विभाग के इंस्पेक्टर एंटोमोलाजिस्ट का सहयोग करते हुए मच्छरों की जांच और उसकी प्रजाति के बारे में पता करेंगे। इसके लिए आशा-एएनएम के माध्यम से ऐसे इलाकों की पहचान भी कराई जाएगी। उन इलाकों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।