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कैसे लड़ेंगे कोरोना से जंग: गोरखपुर में साढ़े चार लाख से अधिक लोग नहीं लगवा रहे बूस्टर डोज, आंकड़े हैरान करने वाले
Tue, 05 Jul 2022 12:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 05 Jul 2022 12:56 PM IST
सार
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पहली और दूसरी डोज लगवाने के लिए लोग आगे आए हैं। इसकी बदौलत टीकाकरण का आंकड़ा अच्छा हो गया है, लेकिन बूस्टर डोज के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं। बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।
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बूस्टर डोज।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में बूस्टर डोज के प्रति उत्साह नहीं दिख रहा है। जिले में चार लाख 50 हजार से अधिक लोग बूस्टर डोज नहीं लगवा रहे हैं। अब तक केवल 17.56 फीसदी लोगों ने ही बुस्टर डोज लगवाया है। इनमें केवल चार प्रतिशत युवा शामिल हैं।
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जानकारी के मुताबिक, जिले में फ्रंटलाइन और हेल्थ वर्करों ने तो बुस्टर डोज के प्रति सजगता दिखाई है, लेकिन आम लोगों में उदासीनता बरकरार है। केवल तीन से चार फीसदी युवा बूस्टर डोज के लिए निजी अस्पतालों के बूथों पर पहुंचे हैं। जबकि, पहली और दूसरी डोज की बात करें तो यह आंकड़ा काफी अच्छा है। 18 से 59 वर्ष के 102.23 फीसदी लोगों ने पहली और 97.27 फीसदी लोगों ने दूसरी डोज लगवा ली है। जबकि, 12 से 14 वर्ष के 76.63 फीसदी बच्चों को पहली और 38.43 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लगाई गई है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पहली और दूसरी डोज लगवाने के लिए लोग आगे आए हैं। इसकी बदौलत टीकाकरण का आंकड़ा अच्छा हो गया है, लेकिन बूस्टर डोज के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं। बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।
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विदेश जाने वाले लोग निशुल्क लगवा सकेंगे बूस्टर डोज
जिन लोगों को विदेश जाना है, वे सरकारी बूथों पर बूस्टर डोज निशुल्क लगवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें सीएमओ से वेरीफाई कराना होगा। जबकि, निजी अस्पतालों में 18 से 59 वर्ष के युवाओं को 383 रुपये देकर बूस्टर डोज लगवाना पड़ रहा है।