फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Molested harassment case Internal complaints committee of Gorakhpur University dissolved

यौन उत्पीड़न प्रकरण: गोरखपुर विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति भंग, नई गठित

Sat, 10 Feb 2024 11:26 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 10 Feb 2024 11:26 AM IST
सार

आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष बयान दर्ज करने आई पीड़ित छात्रा के परिजनों ने कहा कि उनको विश्वविद्यालय की कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उनको उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

विज्ञापन
Molested harassment case Internal complaints committee of Gorakhpur University dissolved
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्रा के यौन शोषण के आरोप का मामला गरमा गया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन शुक्रवार को एक्शन में नजर आईं। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) को तत्काल प्रभाव से भंग कर नई समिति गठित कर दी है। प्राचीन इतिहास विभाग की आचार्य प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है।

विज्ञापन


नई समिति के गठन के साथ ही जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। शुक्रवार को दोपहर में प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में समिति ने दो घंटे तक बैठक कर छात्रा की शिकायत पर मंथन किया। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को भी बुलाया गया था। समिति ने आरोपी का बयान दर्ज कर लिया है। आरोप लगाने वाली छात्रा को भी बुलाकर बयान दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


 

ये हैं आईसीसी में
प्राचीन इतिहास विभाग की प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी को आईसीसी का अध्यक्ष बनाया गया है। अंग्रेजी विभाग के प्रो. अवनीश राय, मनोविज्ञान की डॉ. रश्मि रानी, विधि विभाग की डॉ. सुमनलता चौधरी, लेखा विभाग से मीनावती कन्नौजिया, भौतिक विज्ञान विभाग के पुनीत भारती सदस्य बनाए गए हैं। मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि बाहरी सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं।

 

पीड़िता के परिजन बोले-विश्वविद्यालय प्रशासन पर है भरोसा
आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष बयान दर्ज करने आई पीड़ित छात्रा के परिजनों ने कहा कि उनको विश्वविद्यालय की कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उनको उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

मीडिया सेल के जरिए ही भेजें खबरें
इस मामले के लगातार मीडिया की सुर्खियां बनने के कारण डीडीयू प्रशासन भी गंभीर है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गाइडलाइन जारी किया गया है। कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, शैक्षणिक, शोध और व्यक्तिगत उपलब्धि से संबंधित खबरों को मीडिया सेल को प्रेषित करें। कुलसचिव ने सभी से इसे सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed