गोरखपुर: जेल से जमानत पर बाहर आए बदमाश, फिर किए गंभीर अपराध
हाल में जेल भेजे गए कई बदमाश जमानत पर रिहा होकर आए थे बाहर। बदमाशों की निगरानी से जब भी चूकी पुलिस हुई बड़ी वारदात।
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गोरखपुर जेल से जमानत पर रिहा होने वाले बदमाश एक बार फिर अपराध कर वापस वहीं पहुंच गए हैं। हाल के दिनों में लूट, हत्या जैसे अपराध में कई ऐसे बदमाश जेल भेजे गए हैं, जो जमानत पर छूटे थे। बड़ी बात यह कि पुलिस ने जहां पर इनकी निगरानी की वहां पर वारदात के बाद दबोच लिए गए, लेकिन जहां पर पुलिस ने चूक की वे बड़ी वारदात करके जिले में सनसनी भी फैलाएं हैं।
जानकारी के मुताबिक, चोरी हो या फिर लूट, हत्या, इनमें शामिल बदमाशों को पुलिस ने जेल जरूर भेजा, लेकिन निगरानी में चूकने पर फिर से वारदात किए। हाल के दिनों में गुलरिहा, कैंट से मोबाइल फोन लूट में जेल भेजे गए युवक हों या फिर सहजनवां से बाइक चोरी में, सभी जेल से जमानत पर रिहा थे। वर्तमान में 230 बदमाश ऐसे हैं, जो जमानत पर बाहर हैं।
कई बड़े बदमाशों को फिर से जेल में भेजने में पुलिस को कामयाबी जरूर मिली, लेकिन अपनी लापरवाही से किरकिरी भी खूब हुई। गगहा में बसपा के पूर्व नेता की हत्या, फिर व्यापारी समेत दो लोगों की हत्या को जिस सन्नी सिंह ने अंजाम दिया था, वह जमानत पर ही बाहर आया था और पुलिस ने उसकी निगरानी नहीं की थी। नतीजतन गोरखपुर पुलिस की किरकिरी हुई।
केस एक
18 जनवरी को गुलरिहा पुलिस ने शफीक को मोबाइल फोन लूट के मामले में जेल भेजा। इसके एक साथी को कैंट पुलिस ने दो दिन पहले जेल भेजा था। शफीक इसके पहले गीडा और सहजनवां से चोरी के मामले में जेल जा चुका है। जमानत पर रिहा हुआ था और फिर मोबाइल फोन लूट की वारदात करने लगा। पुलिस ने जब पुराने आरोपितों की तलाश शुरू की तो दोनों युवक पकड़े गए और घटनाओं का पर्दाफाश हुआ।
केस दो
8 मई 2021 को गगहा में जिला पंचायत सदस्य के संभावित प्रत्याशी रितेश मौर्या फिर चंद दिन बाद ही व्यापारी शंभू मौर्या और उनके कर्मचारी संजय पांडेय की गोली मारकर हत्या की गई थी। इन तीनों हत्या में सन्नी सिंह का नाम सामने आया। सन्नी पर इसके पहले भी तिहरा हत्याकांड का आरोप था और जेल भी भेजा गया था। वह जमानत पर ही बाहर आया था। जेल से छूटने पर उसने दोबारा साथियों के साथ मिलकर तीन हत्या कर दी।
केस तीन
16 जनवरी को सहजनवां पुलिस ने संतकबीरनगर के बखिरा निवासी नीरज मिश्रा को बाइक चोरी में गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चार बाइक बरामद की। जांच में पता चला कि दो महीने पहले ही उसे बाइक चोरी में सहजनवां पुलिस ने जेल भेजा था और जमानत पर रिहा होते ही फिर से बाइक चोरी की वारदात करने लगा था। उसे पुलिस ने दोबारा जेल भेजा है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि जमानत पर छूटने के बाद बदमाशों के दोबारा अपराध करने की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वे जमानत पर रिहा हुए बदमाशों की निगरानी और मुकदमों की पैरवी करें ताकि सजा दिलाई जा सके। इस मुहिम में बीतें दिनों पुलिस को कामयाबी भी मिली है।