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Gorakhpur News: वंदे भारत एक्सप्रेस की तीसरी आंख पकड़ रही पत्थरबाजों की बदमाशी, ऐसे खुला था मामला
Tue, 31 Oct 2023 11:37 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 31 Oct 2023 11:37 AM IST
सार
देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत जब पटरी पर उतरी तो जगह-जगह घटनाएं होने लगीं। कई जगह बदमाशी में चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। गोरखपुर में भी एक युवक ने ट्रेन पर साइड से पत्थर फेंका था जिससे एक शीशा चटक गया था। ट्रेन के साथ हुई हर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान हो गई।
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वंदे भारत एक्सप्रेस। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने की गलती करने वालों पर तीसरी नजर का पहरा है। ट्रेन को क्षति पहुंचाने की अब तक जितनी भी कोशिश हुई है, सभी को इस हाई रेजोल्यूशन कैमरों ने पहचान लिया। बाद में आरपीएफ ने उन्हें पकड़कर कानूनी कार्रवाई की। उपयोगिता को देखते हुए रेलवे अब स्टेशनों और परिसरों को भी हाई रेजोल्यूशन कैमरों की जद में ला रहा है।
देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत जब पटरी पर उतरी तो जगह-जगह घटनाएं होने लगीं। कई जगह बदमाशी में चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। गोरखपुर में भी एक युवक ने ट्रेन पर साइड से पत्थर फेंका था जिससे एक शीशा चटक गया था। ट्रेन के साथ हुई हर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान हो गई। कार्रवाई शुरू हुई तो पत्थरबाजी की घटनाएं भी रुकने लगीं।
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दरअसल ऐसा हुआ ट्रेन में दोनों तरफ लगे हाई रेजोल्यूशन कैमरों के चलते। रेल कर्मियों के अनुसार इस ट्रेन में फ्रंट व बैक कवर के लिए दो-दो हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगे हैं जिन्हें इस तरह से सेट किया गया है, कि वे ट्रैक के अलावा अगल-बगल के करीब 25 से 30 मीटर चौड़ाई में होने वाली हरकतों को भी कवर करते हैं। ऐसे में अगर ट्रेन ट्रैक से गुजर रही है तो पूरा ट्रैक व बगल की खाली जमीन में होने वाली छोटी से छोटी गतिविधि इसमें साफ-साफ रिकार्ड होती है।
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देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत जब पटरी पर उतरी तो जगह-जगह घटनाएं होने लगीं। कई जगह बदमाशी में चलती ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। गोरखपुर में भी एक युवक ने ट्रेन पर साइड से पत्थर फेंका था जिससे एक शीशा चटक गया था। ट्रेन के साथ हुई हर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान हो गई। कार्रवाई शुरू हुई तो पत्थरबाजी की घटनाएं भी रुकने लगीं।
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दरअसल ऐसा हुआ ट्रेन में दोनों तरफ लगे हाई रेजोल्यूशन कैमरों के चलते। रेल कर्मियों के अनुसार इस ट्रेन में फ्रंट व बैक कवर के लिए दो-दो हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगे हैं जिन्हें इस तरह से सेट किया गया है, कि वे ट्रैक के अलावा अगल-बगल के करीब 25 से 30 मीटर चौड़ाई में होने वाली हरकतों को भी कवर करते हैं। ऐसे में अगर ट्रेन ट्रैक से गुजर रही है तो पूरा ट्रैक व बगल की खाली जमीन में होने वाली छोटी से छोटी गतिविधि इसमें साफ-साफ रिकार्ड होती है।