Gorakhpur: बदसलूकी तो स्वास्थ्य विभाग दर्ज कराएगा केस, स्वास्थकर्मियों से हो चुकी है मारपीट
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने लोगों से अपील की है कि फाइलेरिया की दवा कुछ खा पीकर ही खाएं और स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही खाएं। यह दवा गर्भवती, गंभीर रूप से बीमार लोगों और दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं खानी है।
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गोरखपुर में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ अगर कोई भी बदसलूकी करता है तो स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे का कहना है कि बीमारियों से बचाव के लिए विभाग के कार्यकर्ता लोगों के घर तक जा रहे हैं। चिकित्सीय सलाह देने के साथ दवा भी खिला रहे हैं। जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे में इन कार्यकर्ताओं से मारपीट करना गलत है।
जानकारी के मुताबिक, पांच दिन पहले रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं के साथ लोगों ने मारपीट की थी। मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। ऐसे में अपील की जा रही है कि लोग स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान करें। सीएमओ ने बताया कि आशा कार्यकर्ता मातृ शिशु स्वास्थ्य समेत सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की सफलता के आधार हैं।
फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए जिले में 12 मई से अभियान चलाया जा रहा है, जो 27 मई तक चलेगा। इस दौरान आशा-आंगनबाड़ी की टीम घर-घर जाकर अपने सामने लोगों को दवा खिला रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के काम में खलल डालना यानी कानूनी दृष्टि से सरकारी काम में बाधा डालना है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
इस तरह खाएं दवा
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने लोगों से अपील की है कि फाइलेरिया की दवा कुछ खा पीकर ही खाएं और स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही खाएं। यह दवा गर्भवती, गंभीर रूप से बीमार लोगों और दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं खानी है। अभियान के तहत जिले के 51 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसके तहत अब तक 23 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है।