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Gorakhpur News: संदेशखाली की घटना के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
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-बंगाल की घटना देश को शर्मसार करने वाली
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर राष्ट्र वंदन समिति एवं सूरजकुंड धाम न्यास के कार्यकर्ताओं ने शीतल मिश्र के नेतृत्व में संदेश खाली में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा। कहा कि बंगाल की घटना देश को शर्मसार करने वाली है।
उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि संदेशखली में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर बंगाल सरकार खामोश है। 47 दिन पहले ईडी के अधिकारियों पर हमला होने के बाद संदेशखली की घटनाएं सामने आ सकीं। बच्चों और महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार, यौन उत्पीड़न, मारपीट की अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं। यह पश्चिम बंगाल प्रशासन और पुलिस विभाग की नाकामी का नमूना नहीं है, इसमें धार्मिक और राजनैतिक मुद्दे भी हैं। इन घटनाओं से पश्चिम बंगाल की महिलाएं एवं बच्चों की सुरक्षा की चिंताजनक स्थिति सामने आई है। स्थिति इतनी भयानक है कि कई दिनों से हो रहे अत्याचारों की घटनाओं के बाद भी पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।
वह लोग मांग करते हैं कि लोकतंत्र में हो रहे महिला एवं मानवाधिकारों के उल्लंघन पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पीड़ित महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों को सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की जाए।
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ज्ञापन देने वालों में अमरजीत गुप्ता, अमित दत्त, दुर्गेश त्रिपाठी, शीतल, सोमेश आनंद जैन, मनोज देवीलाल, राहुल पांडे समेत कार्यकर्ता शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर राष्ट्र वंदन समिति एवं सूरजकुंड धाम न्यास के कार्यकर्ताओं ने शीतल मिश्र के नेतृत्व में संदेश खाली में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा। कहा कि बंगाल की घटना देश को शर्मसार करने वाली है।
उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि संदेशखली में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर बंगाल सरकार खामोश है। 47 दिन पहले ईडी के अधिकारियों पर हमला होने के बाद संदेशखली की घटनाएं सामने आ सकीं। बच्चों और महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार, यौन उत्पीड़न, मारपीट की अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं। यह पश्चिम बंगाल प्रशासन और पुलिस विभाग की नाकामी का नमूना नहीं है, इसमें धार्मिक और राजनैतिक मुद्दे भी हैं। इन घटनाओं से पश्चिम बंगाल की महिलाएं एवं बच्चों की सुरक्षा की चिंताजनक स्थिति सामने आई है। स्थिति इतनी भयानक है कि कई दिनों से हो रहे अत्याचारों की घटनाओं के बाद भी पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।
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वह लोग मांग करते हैं कि लोकतंत्र में हो रहे महिला एवं मानवाधिकारों के उल्लंघन पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पीड़ित महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों को सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की जाए।
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ज्ञापन देने वालों में अमरजीत गुप्ता, अमित दत्त, दुर्गेश त्रिपाठी, शीतल, सोमेश आनंद जैन, मनोज देवीलाल, राहुल पांडे समेत कार्यकर्ता शामिल रहे।