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Gorakhpur News: महायोजना 2031: शहर में विनियमितीकरण को मिली है मंजूरी

Wed, 28 Aug 2024 03:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2024 03:38 AM IST
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Master Plan 2031: Approval has been given for regulation in the city
प्रावधान में बहुमंजिली भवन व मिश्रित भू उपयोग को किया है अनुमन्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 2500 एकड़ क्षेत्रफल में फैले 25 वार्डों की 150 से अधिक काॅलोनियों को महायोजना 2031 में नियमित तो कर दिया गया है, लेकिन अभी वहां ऊंची बिल्डिंग और मिश्रित भू-उपयोग वाले भवन बनाने पर रोक रहेगी। ऐसा इसलिए किया गया है कि ये काॅलोनियां बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही बसी हैं। नक्शा के लिए अब आवेदन शुरू हुए हैं। ऐसे में बिना मानक व डिजाइन के स्वीकृत कराए ही ऊंची व मिश्रित भू-उपयोग वाले भवन निर्माण से कोई दिक्कत न हो, इसलिए निर्माण पर रोक लगाई गई है।
शहर का विकास साल दर साल तेजी से हो रहा है। शहर के सुनियोजित विकास का जिम्मा जीडीए पर है। जीडीए ने इसके लिए वर्ष 1971-2001 और 2001-2021 बनाई थी। इसके बाद अब महायोजना 2031 लागू की गई है। पहली दो महायोजना के लागू होने के बावजूद शहर में करीब ढाई हजार एकड़ क्षेत्रफल में बिना किसी स्वीकृति के ही काॅलोनियां बस गईं। महायोजना 2031 में इन काॅलोनियों के नियमितिकरण का मामला उठा।
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अधिकांश काॅलोनियों को अब नियमित किया जा चुका है। शहर में विनियमितीकरण की समस्या का हल तो निकाल लिया गया, लेकिन इन क्षेत्रों में बहुमंजिले भवन एवं मिश्रित भू-उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
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लंबी कवायद के बाद शासन ने गोरखपुर महायोजना 2031 को मंजूरी दी है। विनियमितीकरण का मामला जीडीए बोर्ड की ओर से गठित कमेटी की संस्तुति पर निस्तारित किया गया है। अब प्राधिकरण की ओर से इस क्षेत्र के लोगों से मानचित्र के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। केस टू केस के आधार पर इसका निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।
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विनियमितिकरण क्षेत्र में बने हैं दो से तीन मंजिल तक के भवन
विनियमितिकरण में शामिल होने से पूर्व इन इलाकों में लोगों ने मकान तो बनवाए, लेकिन नक्शा पास नहीं होने के कारण अधिकतम दो या तीन मंजिला तक ही निर्माण कराया गया। बहुमंजिली इमारत बनाने से लोग बचते रहे। महायोजना लागू होने और विनियमित होने के बाद इन इलाकों में बहुमंजिली इमारत व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनवाने के लिए लोगों ने प्रयास शुरू किया है। हालांकि, हरित क्षेत्र व कुछ अन्य कारणों से विनियमित हुए क्षेत्र में हाई राइजिंग बिल्डिंग निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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मिश्रित भू-उपयोग का पास होगा व्यावसायिक मानचित्र

विनियमित क्षेत्र में शामिल हुए मोहल्लों में अगर कोई आवासीय मानचित्र पास कराकर भवन का व्यावसायिक उपयोग करना चाहता है तो ऐसा नहीं हो सकेगा। ऐसा इसलिए कि विनियमित क्षेत्र में अभी मिश्रित भू-उपयोग की अनुमति नहीं है। इसके लिए लोगों को व्यावसायिक मानचित्र पास करना होगा।

इन काॅलोनियों को किया गया है विनियमित
रामजानकीनगर, शक्तिनगर, टैगोर नगर, आदित्यपुरम, महादेवपुरम, अजयनगर, जफर कॉलोनी, गायत्री नगर, झरना टोला, नंदानगर, इंदिरा नगर, राजीव नगर, साकेत नगर, शिवाजी नगर, शुभम कॉलोनी, पार्वती नगर, सिद्धार्थ नगर, सैनिक कुंज, सैनिक आदि कॉलोनी 25 वार्डों की करीब 150 काॅलोनियों को विनियमित क्षेत्र में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में लोग नक्शा के लिए आवेदन कर रहे हैं। इन्हीं क्षेत्रों में ऊंची बिल्डिंग व मिश्रित भू-उपयोग पर रोक लगाई गई है।

जनहित में विनियमितीकरण की समस्या का हल निकाला गया है। इसमें बहुमंजिले भवन एवं मिश्रित भू-उपयोग को अनुमन्य नहीं किया गया है। कोई आवेदन आएगा तो समिति उसका परीक्षण करेगी।
-आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
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