मनीष गुप्ता हत्याकांड: नामजद पांचों पुलिसकर्मियों को मिली तैनाती, व्यापारी की हत्या में बनाए गए थे आरोपी
इस मामले में अन्य दो आरोपी मुख्य आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत कुमार को भी फिर से तैनाती दे दी गई है।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड में जमानत पर छूटे पांचों आरोपी पुलिसवालों की फिर से तैनाती हो गई है। मामले में आरोपी बनाए गए दरोगा विजय यादव राजघाट, अक्षय मिश्रा शाहपुर और राहुल दुबे को गोरखनाथ थाने में तैनाती दी गई है। इन्हें थाने से ही संबद्ध रखा गया है। इस मामले में अन्य दो आरोपी मुख्य आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी प्रशांत कुमार को भी फिर से तैनाती दे दी गई है।
वारदात के बाद सभी पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में इन सभी की गिरफ्तारी की गई थी। 16 महीने के बाद इसी वर्ष 10 जनवरी को ये सभी आरोपी तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे। सभी पर हत्या की धाराओं को न्यायालय ने हटाते हुए जमानत दी थी। मामले में एक अन्य आरोपी तत्कालीन इंस्पेक्टर रामगढ़ताल थाना जगत नारायण सिंह अब भी तिहाड़ जेल में निरुद्ध है।
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सूत्रों के मुताबिक पांचों आरोपी पुलिसकर्मी दिल्ली के तिहाड़ जेल से एक साथ गोरखपुर आए थे। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद दरोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दूबे विजय यादव, मुख्य आरक्षी कमलेश यादव आरक्षी प्रशांत कुमार ने पुलिस लाइन में अपनी आमद कराई थी। इसके कुछ दिन बाद ही न्यायालय से जमानत पर रिहा होने की वजह से पुलिस नियमावली के तहत इन्हें अब तैनाती भी दे दी गई।
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तैनाती के बाद सभी सामान्य तरीके से थाने में जनता से जुड़े अनिवार्य कामों को निपटा रहे हैं। एसएससी डॉ. गौरव ग्रोवर ने चिताया कि न्यायालय से इन्हें जमानत मिली थी। नियमानुसार इनकी तैनात की गई है। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
27 सितंबर 2021 की रात गोरखपुर के तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले के तूल पकड़ने पर आरोपी सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी पुलिस लाइन में आमद कराए बगैर फरार हो गए। बाद में एसआईटी की टीम ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।