गोरखपुर बीआरडी में कोरोना से बच गई जिंदगी, एचआईवी ने दे दी मौत
- महराजगंज के कोल्हुई का रहने वाला था व्यक्ति
- 12 मई को मुंबई से अपने गांव लौटा था मरीज
- रिपोर्ट पॉजिटव आने पर 24 को बीआरडी में हुआ भर्ती
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती महराजगंज के कोल्हुई क्षेत्र के एक गांव रहने वाला 45 वर्षीय व्यक्ति कोरोना से जंग तो जीत लिया। लेकिन एचआईवी की वजह से उसकी मौत हो गई। कोरोना की तीन रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे गुरुवार को मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होना था।
इस बीच उसकी गुरुवार को ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उसके शव को कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए शव को पुलिस की देखरेख में परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के मुताबिक व्यक्ति 12 मई को मुंबई से अपने गांव आया था। मुंबई से आने के कारण उसे गांव के ही एक स्कूल में स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन किया था। इस बीच उसकी तबीयत खराब हुई। इसके बाद उसे इलाज के लिए महराजगंज जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उसकी कोरोना जांच की गई।
कोरोना की तीनों रिपोर्ट आ गई निगेटिव
इस बीच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 24 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा था। इसके बाद लगातार डॉक्टर उसकी देखभाल करते रहे। इस बीच कोरोना की तीन रिपोर्ट निगेटिव आ गई। रिपोर्ट निगेटिव आने पर गुरुवार को उसे घर भेजने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच अचानक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि मरीज एनिमिया व एचआइवी से भी पीड़ित था। उसकी पूरी देखभाल की गई। कोरोना की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। उसे डिस्चार्ज करने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच उसकी मौत हो गई। शव को एहतियात के तौर पर कोविड-19 के तहत पुलिस की देखरेख में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।