देवरिया: नियम-कानून के चक्कर में चली गई युवक की जान, ब्लड बैंक में मिन्नतें करता रह गया भाई
47 बार रक्तदान करने वाले युवक के दोस्त के भाई की खून के अभाव में चली गई जान, ब्लड बैंक में मिन्नतें करता रहा युवक, नियम-कानून का हवाला देकर करते रहे टाल मटोल।
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देवरिया में समाज सेवा और दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने वाले युवक के दोस्त पर शनिवार को उस समय विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा जब खून के अभाव में उसके भाई ने दम तोड़ दिया। इस दौरान ब्लडबैंक में डॉक्टर से मिन्नतें करता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा और उसका भाई हमेशा के लिए दुनिया छोड़ दिया।
ग्राम नकटापार रामअवध टोला निवासी हरेंद्र कुमार चौहान (40) एनीमिया से पीड़ित थे और न्यू कालोनी स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती थे, जहां उनके पैर का ऑपरेशन हुआ था। 47 बार रक्तदान करने वाले उपेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें एक यूनिट ब्लड की जरूरत थी। उनका भाई संजीव चौहान खून लेने के लिए ब्लड बैंक में गया। मैं अपना डोनेशन कार्ड देकर भेजा, ताकि उसके बदले में बी पॉजिटिव ग्रुप का एक यूनिट ब्लड मिल सके। दो घंटे तक ब्लड बैंक में रहे, लेकिन ब्लड नहीं मिला।
इस दौरान मैंने भी वहां मौजूद डॉ. एससी सिंह से मोबाइल फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि शासन का आदेश आया है कि सिर्फ सदर हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को ही डोनेशन कार्ड पर ब्लड जारी किया जाएगा। शासनादेश की कॉपी मांगने पर टाल गए और सरकार से मंगाने को कहे। इस दौरान ब्लड के लिए भारतीय रेडक्रास सोसायटी के वाइस चेयरमैन अखिलेंद्र शाही ने भी कहा, लेकिन ब्लड नहीं मिला और मरीज ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
मामले की होगी जांच
उपेंद्र यादव ने कहा कि हम लोग तन मन धन से समाज सेवा करते हैं, रक्तदान करते हैं, ताकि किसी जरूरतमंद की जान बच सके, लेकिन आज ऐसी घटना घटी है, जिससे मन को बहुत ठेस पहुंचा है। हमारे मित्र संजीव चौहान मेरे कहने पर सोमवार को पहली बार उसी ब्लड बैंक में रक्तदान किए और भाई को खून की जरूरत पड़ी तो वहीं गिड़गिड़ाते रहे और उनकी किसी ने नहीं सुनी।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अकील अहमद कहा कि हमारी ड्यूटी आरटीपीसीआर सेंटर स्टाल कराने में थी। हमें इस जीओ के बारे में जानकारी नहीं है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. एएम वर्मा ने कहा कि मैं इंटरव्यू में व्यस्त था। ब्लड बैंक लोगों की जान बचाने के लिए है। किसी की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड दिया जाता है। उसके बदले ब्लड डोनेट कराया जाता है। ऐसा नहीं है तो कुछ शुल्क जमा करने पर ब्लड मिलता है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि ब्लड की जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से खून न मिले और उसके अभाव में किसी की जान चली जाए, यह बहुत गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।