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नेपाली कैदी की रिहाई के लिए चंदे की रकम से जमा हुआ जुर्माना, जेल अफसर और कर्मचारियों ने की मदद

Thu, 20 Aug 2020 12:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 20 Aug 2020 12:01 AM IST
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maharajganj officers and employees collected money for fine for release of Nepali prisoners
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज में शासन द्वारा 74वें स्वतंत्रता दिवस पर एक नेपाली कैदी की रिहाई में बाधा बनी जुर्माने की धनराशि को लेकर महराजगंज जिला कारागार प्रशासन ने अनूठी मिशाल पेश की है। इस मिसाल ने इंसानियत का न सिर्फ नया नजीर बुना बल्कि भारत नेपाल के मैत्रीय संबंधों को भी रेखांकित कर दिया। 
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अर्थदंड की राशि जमा करने के लिए जब परिजन व  सामाजिक संस्थाओं कदम नहीं बढ़ाया तो जेलर अरविंद श्रीवास्तव की पहल रंग लगाई और डिप्टी जेलर व जेल के कर्मचारियों ने आपस में चंदा जुटा कर न सिर्फ नेपाली कैदी का जुर्माना भरा बल्कि बुधवार की देर शाम उक्त नेपाली कैदी को जेल से रिहा भी करा दिया।
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इसे लेकर जिलेभर में जेल प्रशासन की खूब चर्चा हो रही हैं, लोग यह कहते नहीं थक रहें कि इंसानियत अभी भी जिंदा हैं और ऐसे ही भलेमानुस उसे परिभाषित भी कर रहें हैं।
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दुष्कर्म के आरोप में 2011 से सजा काट रहा था डाक्टर
शासन के आदेश पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेपाल के जिस कैदी को बुधवार को महराजगंज जिला जेल से रिहा किया गया, उसका नाम बलिराम यादव उर्फ डाक्टर है। वह नेपाल के रुपनदेही जिले के लुंबिनी का रहने वाला है। 

 

नौतनवा पुलिस ने वर्ष 2011 में उसके खिलाफ धारा 363, 366, 376, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा था। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 10 मार्च 2014 को उसे दस साल का सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा हुई थी। 

बलिराम अपनी मूल सजा पूरी भी कर ली थी, लेकिन गरीबी के चलते अर्थदंड जमा नहीं कर पाने की वजह से वह एक वर्ष 11 माह का अतिरिक्त सजा काट रहा था। लेकिन जेल में अच्छे व्यवहार के चलते उसे रियायत मिली और शासन ने उसे रिहा करने का आदेश दिया।
 
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