माफिया का प्राइवेट ब्लड बैंक में भी गहरी पैठ: सीसीटीवी का रिकॉर्ड कैसे हुआ डिलीट, कहीं कोई साजिश तो नहीं
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने खून माफिया गिरोह में शामिल दो संविदा कर्मचारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। पुलिस पूछताछ व जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खून माफिया के नेटवर्क की जड़ें इतनी गहरी हैं कि इसमें शामिल धंधेबाजों ने सबूत को मिटाने के लिए अगस्त में सीसीटीवी टीवी कैमरे के रिकाॅर्ड को ही गायब करा दिया है। कैमरे की जांच करने पहुंची पुलिस को फुटेज ही नहीं मिल पाए हैं। अगस्त का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
पुलिस ने मोबाइल के सीडीआर की मदद से तीन और लोगों को तो दबोच लिया है, लेकिन असल गुनाहगार, जो खून निकालते थे, वे कौन हैं, इसकी जांच थोड़ी धीमी जरूर पड़ गई है। अब इसके पीछे गहरी साजिश है या फिर महज एक संयोग है, इसकी परत खुलनी बाकी है। पुलिस अपने स्तर से इसकी भी जांच कर रही है।
पुलिस ने 27 अगस्त को खून माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया था। तब सामने आया था कि इसमें मेडिकल कॉलेज कर्मचारी भी शामिल हैं, लेकिन कोई ऐसा है, जो उन्हें बचाना भी चाहता था। शायद तभी पुलिस जब शिकायत करने वाले मजदूर को लेकर ब्लड बैंक पहुंची तो जांच में उसे कुछ नहीं मिला।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में खून माफियाः लिट्टी-चोखा वाला लाता था डोनर, जरूरतमंद से मिलवाते थे कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, पुलिस इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी से पूछताछ में पुलिस को एक नई जानकारी भी मिली है। पुलिस को पता चला है कि सिर्फ मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ही नहीं, प्राइवेट ब्लड बैंक से भी गिरोह के लोगों का संपर्क था और वे वहां पर भी मजदूरों को लेकर जाते थे। उनके खून को निकलवाते थे।
इस वजह से पुलिस ने जांच का दायरे प्राइवेट ब्लड बैंक की ओर भी बढ़ा दी है। पुलिस इस बात की जांच करेगी कि वह महज सामान्य डोनर बनकर गए मजदूर का खून निकालते थे या फिर वहां पर भी सेटिंग का खेल चल रहा है। इसकी जांच पुलिस ने तेज कर दी है।
इसे भी पढ़ें: रेलवे अफसर रिश्वतखारी कांड: जोशी का क्या बोलें...यहां तो पूरी दाल ही काली निकली
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने खून माफिया गिरोह में शामिल दो संविदा कर्मचारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। पुलिस पूछताछ व जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी, जो भी लोग इसमें शामिल हैं, सभी जेल जाएंगे।