लॉकडाउन में घाटे का सौदा बनी सब्जी की खेती, अब किसानों को सता रही है इस बात की चिंता
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लॉकडाउन के कारण लगाए गए प्रतिबंध की वजह से कृषि प्रधान जिले महराजगंज के सब्जी उत्पादकों को काफी क्षति हुई है। मंडियों में बाहरी व्यापारियों के न आने की वजह से सब्जी उत्पादक अपने सब्जियों को औने-पौने दाम पर बेच कर पूंजी निकालने में जुटे हैं। उनका कहना है कि इस बार सब्जी की खेती उनके लिए घाटे का सौदा बनी हुई है।
जिले के पनियरा, सदर, फरेंदा व लक्ष्मीपुर में सब्जी की खेती व्यापक स्तर पर की जाती है। सदर क्षेत्र के वनटांगिया गांव व चेहरी, फरेंदा के बारातगाड़ा, खजुरिया, महदेवा, लक्ष्मीपुर के एकमा तथा पनियरा क्षेत्र के बभनौली, हेमछापर, रानीपुर, शीतलपुर समेत अन्य गांवों में बड़ी मात्रा में किसान सब्जी की खेती पर आश्रित हैं।
आसपास के मंडियों में बाहर से आने वाले व्यापारी अच्छी कीमत देते थे जिससे सब्जी की खेती उनके आय की दृष्टि से काफी बेहतर मानी जाती थी लेकिन इस बार लाकडाउन की वजह से बाहरी व्यापारियों के न आने से यह किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गई है।
बाहरी व्यापारियों के न आने से सब्जियों को इस बार बाजार में ही कम दामों पर आमजन को बेचना पड़ रहा है। किसान किसी तरह कम कीमत में उसे बेच कर सब्जी को खराब होने से बचा रहे हैं हालांकि उन्हें आर्थिक रुप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यान निरीक्षक विकास श्रीनेत ने बताया कि लाकडाउन की वजह से सब्जी से जुड़े किसानों की आय प्रभावित हुई है। लेकिन आमजन को काफी राहत भी मिली है।
किसानों का यह है कहना
पनियरा क्षेत्र के बभनौली में हरी सब्जी की खेती करने वाले देवतामुनि ने बताया कि उन्होंने खेती पर लगभग 30 हजार खर्चा किया है मगर अभी तक उससे 20 हजार रुपये ही निकाल सके हैं। मिर्च आदि की फसल खेत में सूख रही है। किसान अरविंद ने बताया कि उन्होंने भी लगभग 35 हजार रुपये खेती पर लगाया है, 75 प्रतिशत फसल फुटकर में बेचने के बाद अभी तक महज 25 हजार रुपये अर्जित हुआ है। लाभ तो दूर पूंजी ही निकल जाए वहीं राहत भरी बात है।