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Gorakhpur News: बाढ़ में नाव के सहारे टिकी बहरामपुर के लोगों की जिंदगी
Fri, 02 Oct 2026 03:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 02 Oct 2026 03:05 AM IST
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गोरखपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नौसड़ स्थित बहरामपुर मोहल्ला चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। मोहल्ले में 100 से ज्यादा घर हैं। यहां तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह पानी में डूब चुका है। ऐसे में लोगों के आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव रह गई है।
प्रशासन की ओर से छह मोटर बोट और तीन सरकारी नाव लगाई गई हैं। इनके जरिये लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ दिन पहले तक बहरामपुर से नौसड़ सड़क तक लोग कुछ ही मिनट में पहुंच जाते थे, लेकिन अब घर से सड़क तक आने में आधे घंटे से अधिक समय लग रहा है। बच्चों को स्कूल भेजने, मरीजों को डॉक्टर के पास ले जाने और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
मोहल्ले में रहने वाले पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। पानी भरने से जानवरों के लिए हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। उन्हें भूसे के सहारे रखना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार की परेशानी नहीं है। हर साल बाढ़ के दौरान करीब 15 से 20 दिन तक मोहल्ले का संपर्क प्रभावित रहता है। रास्ता मौजूद होने के बावजूद उस पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो जाता है। कई जगह पानी करीब 10 फुट तक पहुंच जाता है।
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प्रशासन की ओर से छह मोटर बोट और तीन सरकारी नाव लगाई गई हैं। इनके जरिये लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ दिन पहले तक बहरामपुर से नौसड़ सड़क तक लोग कुछ ही मिनट में पहुंच जाते थे, लेकिन अब घर से सड़क तक आने में आधे घंटे से अधिक समय लग रहा है। बच्चों को स्कूल भेजने, मरीजों को डॉक्टर के पास ले जाने और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मोहल्ले में रहने वाले पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। पानी भरने से जानवरों के लिए हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। उन्हें भूसे के सहारे रखना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार की परेशानी नहीं है। हर साल बाढ़ के दौरान करीब 15 से 20 दिन तक मोहल्ले का संपर्क प्रभावित रहता है। रास्ता मौजूद होने के बावजूद उस पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो जाता है। कई जगह पानी करीब 10 फुट तक पहुंच जाता है।
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