गोरखपुर लिटरेरी फेस्ट के दूसरे दिन भी काफी विख्यात हस्तियों ने अपने विचार रखे।
वहीं, अमर उजाला फाउंडेशन का हेल्थ रथ आज सहारा इस्टेट में पहुंचा। सहारा इस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति के सहयोग से भारत माता मंदिर के पास निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. शालिनी अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पराग अग्रवाल और डेंटल सर्जन डॉ. प्रियंका वर्मा मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर निशुल्क दवाइयां दिए। शानवी पैथालॉजी के निदेशक रतन मिश्रा शुगर की निशुल्क जांच किए।
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सहारा इस्टेट में पहुंचा अमर उजाला फाउंडेशन का हेल्थ रथ, निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां भी मिलीं
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‘कारपोरेट घरानों से लोन की वसूली हो जाए तो बैंकों की स्थिति सुधर जाएगी’
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ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के अधिवेशन में मंचासीन दिलीप शाह, सेनगुप्ता, ललित अरोरा, आरके तिवारी, मैनेजर सिंह व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के त्रैवार्षिक सम्मेलन में पहुंचे संगठन के महासचिव दलीप शाहा ने कहा कि देश के केवल 42 कारपोरेट घरानों पर जितना कर्ज है, अगर सरकार उनसे वसूली कर ले तो बैंकों की स्थिति सुधर जाएगी। कुल 56400 करोड़ का खराब लोन है, जिनमें से 29 हजार करोड़ सिर्फ इन 42 कारपोरेट घरानों पर है।
रविवार को शहर के एक होटल में ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन का आठवां त्रैवार्षिक सम्मेलन में आयोजित हुआ। इस मौके पर दलीप शाहा ने कहा कि आज के समय में देश की आर्थिक परिदृश्य चिंताजनक है। जीडीपी घटकर 4.5 प्रतिशत रह गया है। एनपीए लगातार घटता जा रहा है। इसके लिए बैंक नहीं, सरकार और उसकी नीतियां जिम्मेदार हैं। इस दौरान उन्होंने बैंकों के विलय, लंबित वेतन समझौते आदि के संबंध में भी चर्चा की।
कार्यकारी अध्यक्ष ललित अरोड़ा ने भी बैंकिंग चुनौतियों के संबंध में जानकारी दी। संचालन मंडल सचिव पांडेय सुशीत कुमार ने किया। इस दौरान एजीएम शिव शर्मा, राजेश प्रमाणिक के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों में संतोष विश्वनाथ, एनपी खेड़ा, राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, नवीन कुमार, राजेश वर्मा, संगठन के अध्यक्ष मैनेजर सिंह, रविंद्र तिवारी, राजेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
कार्यकारिणी ने ली शपथ
गोरखपुर। ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन की मंडल कार्यकारिणी का सितंबर में चुनाव हुआ था। रविवार को कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने शपथ ली। इसमें मैनेजर सिंह अध्यक्ष, निवास चंद्र तिवारी और सुभाष यादव उपाध्यक्ष, पांडेय सुशीत कुमार सचिव, पवन कुमार कोषाध्यक्ष, दीपलजीत कौर सहायक कोषाध्यक्ष, सुशील कुमार त्रिपाठी और सर्वेश गौड़ सहायक सचिव शामिल रहे। मेराज अहमद, धर्मवीर और शिवम राय ने कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शपथ ली। चुनाव रामानंद प्रसाद, वीकेएल श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, केके चौधरी, एके विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ था।
सनातन परंपरा को धरातल पर उतारने में प्रयत्नशील रहे महंत अवेद्यनाथ
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महंत अवेद्यनाथ जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित गोष्ठी
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यह संतों की भूमि है। इसी परंपरा की एक कड़ी महंत अवेद्यनाथ थे। वह सनातन परंपरा को व्यवहारिक धरातल पर स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील रहे। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महती भूमिका निभाई। वह इस आंदोलन के संरक्षक भी थे।
यह बातें इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के हिंदी विभाग के प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कही। वे रविवार को दिग्विजयनाथ पीजी कालेज में राष्ट्रवादी राजनीति एवं महंत अवेद्यनाथ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संत परंपरा को आगे बढ़ाने में महंत अवेद्यनाथ की महती भूमिका है।
उन्होंने अनुसूचित जातियों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। धर्मांतरण के प्रयासों को असफल किया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य रामजनम सिंह ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को समाज के लिए आवश्यक है। महंत अवेद्यनाथ ने अस्पृश्य जातियों को गले लगाया। उन्होंने संपूर्ण हिंदू समाज के उद्धार में खुद को समर्पित कर दिया। प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने आभार ज्ञापित किया।
होप क्रिकेट क्लब बनी चैंपियन
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सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया क्रिकेट मैच।
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गोरखपुर। गीता मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता समिति की ओर से आयोजित एक दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत रविवार को तीन मुकाबले खेले गए। पहले मैच में बलदेव प्लाजा ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, दूसरे में गीता मेडिकल ने होप क्रिकेट क्लब, और तीसरे में बलदेव प्लाजा ने होप क्रिकेट क्लब को पराजित किया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्वोत्तर रेलवे के उपमुख्य अभियंता रवींद्र मेहरा ने किया। कोषाध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने अतिथियों को स्वागत किया। इस मौके पर बीडी मिश्रा, अरूण श्रीवास्तव, मोहम्मद शमीम, किरण शंकर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
लिटरेरी फेस्ट: जब ‘मुंशी प्रेमचंद’ ने सुनाई प्रेमचंद की कहानी
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मुंशी प्रेमचंद की कहानी का मंचन करते कलाकार।
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मुंशी प्रेमचंद की कहानियां और उनके पात्र भले ही दशकों पहले गढ़े गए हों मगर आज भी वो हमारे मन मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़े हुए हैं। कहानी के पीछे उन पात्रों की कुछ अनकही वेदना व पीड़ा शेष रह जाती है जिसे शायद वो व्यक्त करना चाहते हैं। प्रेमचंद ने समाज के उपेक्षित, तिरस्कृत लोगों की संवेदना और पीड़ा को जीवंत रूप में शब्दों से व्यक्त किया जबकि इनमें से ज्यादातर उनकी कल्पना के पात्र ही थे। इसे केंद्र में रखकर निर्देशक मानवेंद्र त्रिपाठी ने खासतौर पर लिटरेरी फेस्ट के लिए एक नए नाटक के दृश्य लिखे।
रविवार को पांचवें सत्र में जब इसका मंचन हुआ तो दर्शकों की अनवरत तालियां, तारीफ और सराहनाएं उन्हें समर्थन दे रही थीं। प्रेमचंद जी की तीन कहानियां ठाकुर का कुआं, कफन एवं ईदगाह को केंद्र में रखकर एक ऐसा दृश्य विधान रच गया जिसमें खुद प्रेमचंद बतौर एक पात्र मौजूद थे। जाहिर है कि यह नए तरह का सृजन भी था और सृजन से आगे का सवाल भी था। कलाकारों में प्रेमचंद्र का किरदार रविंद्र रंगधर, गंगीया - आकांक्षा, जोखू - मनीष श्रीवास्तव, ठाकुर की दो पत्नियां संध्या राय और विभा तिवारी, घीसू - कौशल कुमार राय, माधव- नवनीत जायसवाल, बुधिया - पूर्णिमा आनंद, हामिद- स्वास्तिक, अमीना-सायरा आदि ने निभाया।