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Gorakhpur News: विदेश मंत्रालय से आया पत्र, एक माह में पाकिस्तान वापस जाएगा मसरूर

Sat, 13 Apr 2024 04:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2024 04:02 AM IST
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Letter received from Foreign Ministry, Masroor will return
विदेश मंत्रालय से आया पत्र, एक माह में पाकिस्तान वापस जाएगा मसरूर
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(फोटो: मसरूर)
– 2008 में नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा गया था पाकिस्तान नागरिक मो. मसरूर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिला कारागार में बंद पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद मसरूर उर्फ मंसूर अहमद उर्फ गुड्डू (56) 15 साल बाद अपने वतन पाकिस्तान लौटेगा। विदेश मंत्रालय ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करते हुए एक पत्र गोरखपुर जेल अधीक्षक को भेजा है, जिसके बाद मसरूर की रिहाई के कागजात तैयार किये जा रहे हैं। बहुत जल्द बहराइच एलआईयू उसे गोरखपुर से दिल्ली लेकर जायेगी, जहां से वह पाकिस्तान जाएगा।

वर्ष 2008 में बहराइच के रुपईडीहा के पास नेपाल सीमा से घुसे पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद मसरूर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर उसे जासूसी सहित अन्य सभी मामलों में दोषमुक्त कर दिया। उसके बाद उस पर सिर्फ बिना पासपोर्ट के भारत में प्रवेश का मामला था, जिसकी तय सजा से अधिक समय करीब 15 साल वह जेल में बीता चुका है। कोर्ट ने बिना वीजा-पासपोर्ट देश में घुसने की वजह से इस पर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार को कहा था। कोर्ट के आदेश पर जेल प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से पत्राचार किया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय से भी मसरूर को छोड़ने के लिए सहमति मिल गई है।
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बहराइच नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा गया था मसरूर
जेल प्रशासन के मुताबिक नेपाल के रास्ते भारत में बिना वीजा, पासपोर्ट के दाखिल होने के आरोप में पाकिस्तान के कराची के रहने वाले मोहम्मद मसरूर को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर विभिन्न आरोपों में उसके खिलाफ पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी। बहराइच कोर्ट ने 9 अप्रैल 2013 को मोहम्मद मसरूर को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। करीब दस साल पहले प्रशासनिक आधार पर केंद्रीय कारागार वाराणसी से उसे जिला कारागार गोरखपुर स्थानांतरित कर दिया गया। तब से वह यहीं बंद है।
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बच्चों को याद करता है मसरूर
अपनी रिहाई की खबर जानने के बाद मसरूर बहुत खुश है। उसने बताया कि उसके कराची स्थित घर में माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। मसरूर का कहना है कि 15 साल बाद मैं अपने परिवार के सभी सदस्यों को देख पाऊंगा, इस बात का विश्वास नहीं हो रहा है।

पाकिस्तानी दूतावास ने भी माना नागरिक
हमेशा देखने को मिलता है कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत में पकड़ा जाता है, तब वहां की सरकार उसे अपना नागरिक मानने से इनकार करती है। लेकिन पाकिस्तानी दूतावास ने मसरूर को अपने देश का नागरिक मान लिया है और उसे वतन वापस बुलाने का प्रयास कर रही है।


वर्जन-
विदेश मंत्रालय की तरफ से पत्र आया है। इसके बाद पाकिस्तानी नागरिक को बहराइच एलआईयू को सौंपा जाएगा। टीम मसरूर को दिल्ली लेकर जाएगी। वहां से उसे पाकिस्तान भेजा जाएगा।
दिलीप कुमार पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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