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Gorakhpur News: गोरखपुर में पहले भी मिल चुके हैं लेप्टोस्पाइरा के केस, अलर्ट जारी

Wed, 12 Jun 2024 01:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2024 01:38 AM IST
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Leptospira cases have already been found in Gorakhpur, alert issued
गोरखपुर। लेप्टोस्पाइरा वायरस की वजह से होने वाले येलो फीवर या हाईग्रेड फीवर के मामले पूर्वांचल में पहले भी पाए जा चुके हैं। अब इसमें कमी आ रही है। आरएमआरसी में हुए सैंपल टेस्ट में इस तरह के केस आए हैं। आमतौर पर यह बारिश और जलभराव वाले इलाकों में संक्रमित हुए चूहों से इस बीमारी के फैलने की आशंका रहती है। इस बार केंद्र सरकार ने गर्मी और आने वाले बरसात को देखते हुए अभी से अलर्ट जारी किया है।
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पूर्वांचल के गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिले बाढ़ प्रभावित हैं। इस साल इस क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके बाद जैसे ही मानसून सक्रिय होगा तो उमस भरी गर्मी, जलभराव, मच्छर-मक्खी के कारण तरह-तरह के वायरस फैलेंगे। यह इलाका लंबे समय तक इंसेफेलाइटिस से प्रभावित रहा है और अब पिछले तीन वर्षों से डेंगू के केस भी खूब आ रहे हैं। ऐसे में लेप्टोस्पाइरा वायरस के लिए भी यहां की परिस्थितियां अनुकूल हैं।
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आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में आरएमआरसी में जांच के लिए आए सैंपल में लेप्टोस्पाइरा के केस भी मिल चुके हैं। हालांकि मरीज पर प्रभाव व संक्रमण की दर अब बहुत कम रही है, लेकिन जैसी परिस्थितियां हैं, उसमें सतर्क रहना जरूरी है।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने यूपी समेत देश के 11 राज्यों में लेप्टोस्पाइरा के केस बढ़ने की आशंका जताते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने को कहा है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को अभी पत्र नहीं मिला है।
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कोट-
लेप्टोस्पाइरा का कोई केस इस साल अब तक रिपोर्ट नहीं है। सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन भी अभी नहीं मिली है। अगर ऐसी कोई स्थिति आती है तो तत्काल इलाज के प्रबंध किए जाएंगे।

- डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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अपने जिले में हाईग्रेड फीवर के जो भी मामले आते हैं, उसकी विधिवत जांच होती है। पूरे साल इस पर निगरानी की जाती है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तैयारी पूरी है। अगर कहीं इस तरह का मामला आता है तो तुरंत उससे जुड़ी सभी पांच जांच कराई जाती हैं।
- डॉ. आशुतोष द्विवेदी, सीएमओ
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