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Gorakhpur News: महिला बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
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सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पारित निर्णय के अनुपालन में शुक्रवार को जिला जेल का तिमाही निरीक्षण हुआ। जिला कारागार में निरुद्ध महिला कैदियों की स्वच्छता, साफ-सफाई व उचित देखभाल के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने त्रैमासिक निरीक्षण करके जिला कारागार में निरुद्ध महिला कैदियों के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कराया। इसके साथ ही छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खानपान में पौष्टिक आहार देने का निर्देश दिया।
जिला कारागार में इस समय 40 महिला कैदी बंद हैं। जिनमें से 13 सजायाफ्ता एवं 27 विचाराधीन हैं। महिला कैदियों के साथ तीन बच्चे भी रह रहे हैं। महिला बंदियों में से एक विचाराधीन बंदी गर्भवती पाई गईं।
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उसके संबंध में प्रभारी अधीक्षक, जिला कारागार राजेश कुमार पांडेय को निर्देश दिए गए कि उक्त महिला बंदी की गर्भस्थ स्थिति की जांच महिला चिकित्सक से करवाएं तथा संभावित प्रसव की तिथि ज्ञात करके प्रसव के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं स्थान का चुनाव सुनिश्चित करें। समय-समय पर गर्भवती महिला कैदी को डॉक्टर की राय से टीके इत्यादि लगवाएं। यदि जिला कारागार में प्रसव के लिए समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध न हो तो गर्भवती महिला बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए कहा गया।
निरीक्षण व शिविर प्रभारी अधीक्षक जिला कारागार राजेश कुमार पांडेय, डाॅ. ज्योत्सना द्विवेदी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, श्रीश श्रीवास्तव स्टाफ नर्स, शिव पूजन शर्मा फार्मासिस्ट, विकास शर्मा वार्ड बाॅय, सरिता दूबे, प्रदीप कुमार सिंह, त्रिलोकी नाथ, आनंद कुमार तथा बिंदू भारती महिला हेड जेल वार्डन उपस्थित रहे।
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पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने त्रैमासिक निरीक्षण करके जिला कारागार में निरुद्ध महिला कैदियों के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कराया। इसके साथ ही छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खानपान में पौष्टिक आहार देने का निर्देश दिया।
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जिला कारागार में इस समय 40 महिला कैदी बंद हैं। जिनमें से 13 सजायाफ्ता एवं 27 विचाराधीन हैं। महिला कैदियों के साथ तीन बच्चे भी रह रहे हैं। महिला बंदियों में से एक विचाराधीन बंदी गर्भवती पाई गईं।
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उसके संबंध में प्रभारी अधीक्षक, जिला कारागार राजेश कुमार पांडेय को निर्देश दिए गए कि उक्त महिला बंदी की गर्भस्थ स्थिति की जांच महिला चिकित्सक से करवाएं तथा संभावित प्रसव की तिथि ज्ञात करके प्रसव के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं स्थान का चुनाव सुनिश्चित करें। समय-समय पर गर्भवती महिला कैदी को डॉक्टर की राय से टीके इत्यादि लगवाएं। यदि जिला कारागार में प्रसव के लिए समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध न हो तो गर्भवती महिला बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए कहा गया।
निरीक्षण व शिविर प्रभारी अधीक्षक जिला कारागार राजेश कुमार पांडेय, डाॅ. ज्योत्सना द्विवेदी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, श्रीश श्रीवास्तव स्टाफ नर्स, शिव पूजन शर्मा फार्मासिस्ट, विकास शर्मा वार्ड बाॅय, सरिता दूबे, प्रदीप कुमार सिंह, त्रिलोकी नाथ, आनंद कुमार तथा बिंदू भारती महिला हेड जेल वार्डन उपस्थित रहे।