सतासी राज घराने की कुलदेवी हैं मातेश्वरी पहाड़ सिंह, 400 साल पुराना है देवी मंदिर का इतिहास
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उत्तर प्रदेश के देवरिया नगर के गोला वार्ड में नदी के किनारे बना मातेश्वरी पहाड़ सिंह देवी के मंदिर का इतिहास करीब 400 साल पुराना है। यह सतासी राज घराने की कुल देवी हैं। सतासी राज स्टेट 1857 की क्रांति से जुड़ा है। तब यह स्टेट नेपाल की सीमा तक फैला था।
सतासी राज के राजा उदित नारायण सिंह के नेतृत्व में सतासी राज के सैनिकों ने गोरखपुर में अंग्रेजी सेना से लोहा लिया था। क्रांतिकारियों का साथ देने पर अंग्रेजों ने उन्हें काला पानी की सजा दी। अपने कुल देवी की आराधना कर वह गोरखपुर में अंग्रेजों को मात देकर कब्जा कर लिए।
गोरखपुर पर सतासी राज के सैनिकों का कई दिन कब्जा रहा। कुलदेवी पहाड़ सिंह में राजा उदित नारायण की काफी आस्था थी। अंग्रेज सैनिक भी उन्हें देवी के आशीर्वाद से पकड़ नहीं पाए। वह कई वर्षों तक फरार रहे। अंग्रेज उनका राज तक हड़प लिए।
राज गंवाने के बाद भी राजा ने क्रांति का रास्ता नहीं छोड़ा। फिर एक रात कुलदेवी उनके सपने में आई और उन्होंने उन्हें खोया हुआ राज और स्वराज दोनों मिलने का आशीर्वाद दिया। दूसरे दिन राजा गिरफ्तार हो गए। उन्हें अंडमान जेल में डाल दिया गया। लेकिन देवी की कृपा से अंग्रेजों ने उनके वंशजों को सतासी राज वापस कर दिया।
सतासी राज के गजपुर नरेश का नाम कुलदेवी के नाम पर राजा पहाड़ सिंह रखा गया। फत्तेपुर के क्षत्रिय भी उन्ही के वंशज हैं। सतासी राज से जुड़े श्रीनेत ठाकुर भी पहाड़ सिंह देवी को कुलदेवी मानकर पूजा करते हैं। नगर में देवी की पूजा हर वर्ग करता है।
विशेषकर गोला वार्ड के वैश्य समाज जी देवी में काफी आस्था है नवरात्र ने मंदिर पर रोज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रीनेत घराने के धनंजय सिंह कहते है कुलदेवी पूरे सतासी राज की रक्षा करती हैं।
नेपाल की सीमा जहां तक सतासी राज फैला था, आज भी लोग वहां से देवी का दर्शन करने आते हैं। सतासी राज की उत्तराधिकारी कादंबरी सिंह ने कहा कि कुलदेवी की हर साल विधिवत पूजा होती है।