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खुशखबर: आंदोलन के बाद कम्हरिया घाट पुल तैयार, छोटे वाहनों का आवागमन शुरू

Sat, 06 Aug 2022 01:40 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 Aug 2022 01:40 PM IST
सार

कम्हरियाघाट पुल करीब आठ साल में बनकर तैयार हुआ है। इसका निर्माण 2014 से शुरू हुआ था। 193 करोड़ रुपये बजट मिला, लेकिन नागपुर की कंपनी खरे एंड तारकुंडे समय से काम पूरा नहीं करा सकी। लिहाजा, कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया। ब्रिज कारपोरेशन ने काम तेज कराया और पुल बनकर तैयार हो गया।

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Kamharia Ghat bridge ready traffic of small vehicles started
कम्हरिया घाट पुल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर बने पुल से छोटे वाहनों का आवागमन शुक्रवार से शुरू हो गया। जल्द ही लोकार्पण होगा, फिर बड़े वाहनों को आवागमन भी शुरू होगा। पुल बनने से गोरखपुर से अंबेडकरनगर, आजमगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ की यात्रा आसान हो गई है। इन जिलों की दूरी कम समय में ही तय की जा सकेगी।

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कम्हरिया घाट पुल करीब आठ साल में बनकर तैयार हुआ है। इसका निर्माण 2014 से शुरू हुआ था। 193 करोड़ रुपये बजट मिला, लेकिन नागपुर की कंपनी खरे एंड तारकुंडे समय से काम पूरा नहीं करा सकी। लिहाजा, कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया। ब्रिज कारपोरेशन ने काम तेज कराया और पुल बनकर तैयार हो गया।
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इससे क्षेत्र की जनता उत्साहित है। यह पुल तीन जिलों (गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेड़करनगर) को आपस में जोड़ देगा। इन जिलों से होकर दूसरे जिलों की दूरी आसानी से तय की जा सकेगी।
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आंदोलन के बाद बन सका पुल
बेलघाट विकास खंड के सरयू नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। लेकिन, सरकारें इसे अनसुना रही थीं। 2013 सत्यवंत सिंह की अगुवाई में आंदोलन शुरू हो गया। देखते ही देखते आंदोलन बड़ा हो गया। अंबेडकरनगर के लोग भी समर्थन में उतर आए।

इस बीच आंदोलनकारियों ने जल समाधि लेने की धमकी दी। इसे देखते हुए ही प्रशासन ने जल पुलिस की तैनाती कराई। कुछ दिन बाद सत्यवंत सिंह व भिखारी प्रजापति नदी में कूद पड़े, लेकिन पहले से तैनात जल पुलिस ने उन्हें बचा लिया। यह बात शासन तक पहुंची तो पुल निर्माण कराने की घोषणा हो गई।

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