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Gorakhpur News: बीआरडी में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, मरीज परेशान

Wed, 14 Aug 2024 03:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:07 AM IST
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Junior doctors on strike in BRD, patients upset
- गायनी, मानसिक रोग, मेडिसिन और ईएनटी विभाग की ओपीडी रही बंद
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- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की हड़ताल से संबंधित खबर

अमर उजाला ब्यूरो
गुलरिहा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मंगलवार को नेहरू चिकित्सालय में मेडिसिन, ईएनटी, मानसिक रोग और गायनी वार्ड पूर्णतः बंद रहा, अन्य ओपीडी भी आंशिक रूप से चले। इसके चलते अस्पताल आए सैकड़ों मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। कुछ मरीज ऐसे भी थे जो दो दिन से परेशान थे, लेकिन पर्ची काउंटर बंद होने से उन्हें भी निराश लौटना पड़ा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में हर दिन करीब साढ़े तीन हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इसमें गोरखपुर-बस्ती मंडल के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक के लोग शामिल हैं। मेडिकल कॉलेज में इलाज की सारी व्यवस्था सीनियर व जूनियर रेजिडेंट्स पर ही निर्भर है। विभागाध्यक्ष और अन्य सीनियर डॉक्टर केवल गंभीर मरीजों को ही देखते हैं। ऐसे में जब कोलकाता की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं तो व्यवस्था बिगड़ गई है।
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कुशीनगर जिले के बरवापट्टी क्षेत्र के मोतीचंद निषाद सुबह पांच बजे ही घर से इलाज के लिए गोरखपुर के लिए निकले थे। इन्हें पेट में दर्द रहता था तो किसी ने बीआरडी के मेडिसिन विभाग में डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी थी। यहां पहुंचे तब तक पर्ची काउंटर ही बंद हो गया था। घर से यहां तक आने में 150 रुपये खर्च हो गए थे। उन्होंने बताया कि बिना खाए पीए दोपहर हो गया है। अब 150 रुपये और खर्च कर शाम तक घर पहुंचेंगे।
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देवरिया जिले के रुद्रपुर से राधेश्याम निषाद पत्नी के साथ इलाज के लिए दंत रोग विभाग में आए थे। लेकिन, हड़ताल के चलते डॉक्टर से नहीं मिल सके। बिहार प्रांत के बेतिया निवासी नूरूल्लाह कमर दर्द का इलाज कराने मंगलवार को बीआरडी मेडिकल काॅलेज पहुंचे तो ओपीडी का पर्ची काउंटर बंद था। काउंटर खुलने के आस में घंटों इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे निराश होकर लौट रहे थे। इनका कहना था कि हड़ताल के चलते चिकित्सा व्यवस्था ठप होना ठीक नहीं है। सिद्धार्थनगर जिला निवासी बिस्मिल्लाह अंसारी भी हड्डी विभाग की ओपीडी में दिखाने के लिए दो दिनों से बीआरडी का चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि एक्स-रे और जांच सब हो गया, मगर दो दिन से पर्ची काउंटर बंद होने के वजह से जाना पड़ रहा है। एक बार आने जाने में 300 से 400 रूपये तक का खर्च आता है।
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